विपक्ष ने भाजपा सरकार पर किया तीखा हमला
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। यहां एक व्यक्ति ने आर्थिक तंगी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में सनसनी पैâल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार, मृतक पिछले कुछ समय से आर्थिक संकट और कर्ज के दबाव में था, जिसके चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी को आत्महत्या का कारण माना जा रहा है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले को लेकर अब विपक्ष ने प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
बुलंदशहर के शुगर मिल के गन्ना सुपरवाइजर ने अपनी जान दे दी है और आत्महत्या करने की वजह से लोगों को हैरान कर दिया। क्योंकि वो काफी ज्यादा आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, जिले की अनामिका शुगर मिल में कार्यरत गन्ना सुपरवाइजर शरीफ खां ने फांसी लगाकर जान दे दी और इससे पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा। इस नोट में शरीफ खां ने लिखा कि ‘मेरे घर पर आटा भी नहीं है।’ इसी हादसे के साथ में मृतक की बेटी ने शुगर मिल के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की बेटी ने चीनी मिल अफसरों पर प्रताड़ित करने, कई महीने की तनख्वाह रोकने का आरोप लगाया है। मृतक की बेटी ने कहा कि कई महीनों से तनख्वाह नहीं दी जा रही थी और मानसिक रुप से भी परेशान किया जा रहा था। इसी के साथ शुगर मिल गेट पर शव रखकर हंगामा भी किया गया।
बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से टूट रहा आम इंसान
आर्थिक तंगी से परेशान एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद विपक्ष का आरोप है कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक बदहाली के कारण आम आदमी टूट रहा है। सरकार रोजगार और राहत देने के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर लोगों को सहारा देने में असफल रही है। उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
`मोदी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता’
कांग्रेस ने `एक्स’ पर मोहम्मद शरीफ की फोटो शेयर करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस की इस पोस्ट में लिखा है, `ये घटना बताती है कि देश के लोग किन मुश्किल हालातों में गुजारा कर रहे हैं। उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही है। लेकिन मोदी सरकार पर इन बातों का फर्क नहीं पड़ता।

