मीडिया से बातचीत करते हुए जीआरपी एडीजी ने कहा कि आज का दिन राजकीय रेलवे पुलिस के लिए स्वर्णिम दिन है, खास कर इस क्षेत्र में जहां आज मैं लखनऊ से चलकर आजमगढ़ आया हूं। वर्तमान समय में जो इंफ्रास्ट्रक्चर है, उनमें थाने पर वायरलेस की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए। इसको लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर तथा डीजीपी की देखरेख में 40 लाख रुपये की लागत से नये थाने का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में जीआरपी के 65 थाने हैं। जिसमें प्रयास है कि सभी थानों के भवन अच्छे और सुविधा जनक हो, जिसमें कर्मचारी बैठकर काम करते रहे जहां कर्मचारियों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। इस थाने पर कंप्यूटराइज व्यवस्था करने के साथ-साथ वाई-फाई भी लगाया गया है। ऑपरेशन त्रिनेत्र, ऑपरेशन मुस्कान, मिशन शक्ति इन सब का क्रियान्वयन किया जाएगा। जीआरपी का मुख्य दायित्व भी है कि वह अपराध नियंत्रण रखे, चाहे प्लेटफार्म पर हो या ट्रेन में हो या किसी यात्री के साथ हो। इसके साथ ही यात्रियों के साथ किसी तरह की घटना ना हो यह हमारी कोशिश होगी जीआरपी का यह थाना मिल का पत्थर साबित होगा।
जीआरपी के एडीजी ने जहां अधिकारियों के साथ बैठक करके यात्रियों की सुरक्षा अपराध नियंत्रण की रोकथाम को लेकर चर्चा भी किया। वहीं यात्रियों से अनुरोध करते हुए कहा कि आरपीएफ व जीआरपी और पुलिस जो भी निर्देश देते हैं, उसका सभी लोग पालन करें। हम सभी लोग आपकी सुरक्षा व सहायता के लिए हैं। रेलवे स्टेशन पर दलालों के सवाल पर एडीजी ने कहा कि ऐसे अराजक तत्वों पर हमारी निगाह है, सिस्टम में ऐसे लोग ना हो यह मेरी पूरी कोशिश होगी।

