1967 में उन्होंने राजनीतिक यात्रा शुरू की और बाद में समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के लिए समाजवादी पार्टी की स्थापना की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनका योगदान आज भी याद किया जाता है. सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी समाधि स्थल पर सैफई में श्रद्धांजलि दी जा रही है. सपा अध्यक्ष और उनके पुत्र अखिलेश यादव ने परिवार के सदस्यों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए.
सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह को याद करते हुए कहा कि जो लोग दिल्ली का रास्ता नहीं जानते थे उन्हें उन्होंने सांसद बना दिया. जो लोग लखनऊ नहीं जानते थे उन्हें विधायक बनाकर भेजा. उन्होंने संघर्ष के जरिए सब कुछ अपने बलबूते पर किया. समाधि स्थल पर सुबह से ही पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया. सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, फिरोजाबाद सांसद रामजी लाल सुमन मौजूद रहे. समाधि स्थल के चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
तीसरी पुण्यतिथि के मौके पर सपा कार्यालयों और विशेष कार्यक्रमों में श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव, वरिष्ठ विधायक शिवपाल सिंह यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव, सांसद आदित्य यादव, करहल विधायक तेज प्रताप यादव, इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव समेत हजारों की संख्या में पार्टी नेता और परिवारजन मौजूद रहे. कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुलायम सिंह यादव के साधारण जीवन, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी. सोशल मीडिया पर भी उनके योगदान और राजनीतिक जीवन को याद किया गया.

