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5 Mar 2026, Thu

जौनपुर (Jaunpur) के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (Veer Bahadur Singh Purvanchal University) में आयोजित 27वें दीक्षांत समारोह के दौरान प्रशासनिक लापरवाही उजागर हो गई जब कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने मंच से ही विश्वविद्यालय प्रशासन की पोल खोल दी। समारोह की गरिमा के बीच राज्यपाल ने एक-एक करके विश्वविद्यालय की कमियों को सामने रखा, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई। समारोह में जब उन्होंने ट्रांजिट हॉस्टल (Transit Hostel) की दुर्व्यवस्था और वहां पाई गई शराब की बोतलों का जिक्र किया तो पूरा माहौल सन्न रह गया।

ट्रांजिट हॉस्टल बना शराब और नशे का अड्डा:

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि निरीक्षण के दौरान ट्रांजिट हॉस्टल में गंदगी के बीच शराब की बोतलें मिलीं। जब इस पूरे मामले की जांच की गई तो यह बात सामने आई कि वहां खाने के साथ ड्रग्स (Drugs) का ऑर्डर भी दिया जाता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि हॉस्टल, जो छात्रों के अध्ययन और आवास के लिए बनाए गए हैं, वे शराब और गांजा (Marijuana) के अड्डे में तब्दील हो गए हैं। यह स्थिति विश्वविद्यालय प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है।

राज्यपाल ने की कड़ी फटकार:

समारोह के दौरान आनंदीबेन पटेल ने स्पष्ट कहा कि जब विश्वविद्यालय के अंदर ही अनुशासन का अभाव रहेगा तो बाहर के समाज में कैसा संदेश जाएगा। उन्होंने मंच से कहा कि शिक्षा संस्थान (Educational Institutions) को आदर्श केंद्र बनना चाहिए, लेकिन यहां की स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत इस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

अधिकारियों के चेहरे पर उड़ी हवाइयां:

राज्यपाल के संबोधन के दौरान जब उन्होंने खामियों का खुलासा किया तो मंच पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरे उतर गए। विश्वविद्यालय प्रशासन के कई अधिकारी एक-दूसरे की ओर देखने लगे। राज्यपाल के सख्त लहजे से यह साफ हो गया कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समारोह की गरिमा के बीच उठे सवाल:

दीक्षांत समारोह जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में इस तरह की टिप्पणियों ने विश्वविद्यालय की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन की अनदेखी और अव्यवस्था खुलकर सामने आ गई।

सुधार की जरूरत पर जोर:

राज्यपाल ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि यदि विश्वविद्यालय अपने स्तर पर सुधार नहीं करता, तो शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि वे विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ और अनुशासित बनाए रखने में सहयोग करें।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह ने जहां शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया, वहीं यह प्रशासनिक सच्चाइयों को उजागर करने का मंच भी बन गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की सख्त टिप्पणी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और पारदर्शिता पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं चलेगी।

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