असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के मदरसों वाले बयान पर देश भर में बहस छिड़ गई है। इसी कड़ी में अब बलिया की बांसडीह विधानसभा से बीजेपी विधायक केतकी सिंह ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है, जो काफी सुर्खियां बटोर रही है।
विधायक केतकी सिंह का कहना है कि मदरसों में बच्चों को देश के प्रधानमंत्री तक का नाम नहीं पता होता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मदरसों में सही शिक्षा नहीं दी जा रही है, तो उन्हें चलाने की क्या जरूरत है? उनके मुताबिक, मदरसों में शिक्षा के अलावा बाकी सब कुछ सिखाया जा रहा है।
केतकी सिंह ने यह भी मांग की कि मदरसों को सरकार के अधीन लाया जाए और उनमें भी वही शिक्षा नीति लागू की जाए, जो देश के बाकी स्कूलों में चल रही है। उनका साफ कहना है कि अगर ऐसा नहीं होता, तो मदरसों को चलाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस बयान के बाद मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा और उनकी भूमिका पर एक नई बहस छिड़ गई है।

