बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जहाँ करोड़ों मतदाता लोकतंत्र का पर्व मना रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री *गिरिराज सिंह* ने एक बार फिर अपना जहरीला तीर मुस्लिम महिलाओं पर छोड़ा। बुर्का पहनकर वोट डालने वाली महिलाओं को ‘फर्जी वोटर’ बताते हुए उन्होंने बिना किसी सबूत, बिना किसी घटना के पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने का घृणित खेल शुरू कर दिया। यह सिर्फ बयान नहीं, बल्कि *मुसलमानों को अपराधी ठहराने की सुनियोजित साजिश* है – जो बीजेपी की पुरानी रणनीति का हिस्सा है!
गिरिराज ने लखीसराय में वोट डालने के बाद पत्रकारों से कहा, “यह भारत है, पाकिस्तान नहीं। बुर्का में वोट चोरी हो रही है। जांच होनी चाहिए।”
अरे भाई, सबूत कहाँ है?
चुनाव आयोग ने पहले ही साफ कर दिया है कि *हर मतदाता की पहचान सत्यापित होगी* – फिर मुस्लिम महिलाओं को ही क्यों निशाना? क्या हिंदू महिलाओं की साड़ी, दुपट्टा या घूंघट में फर्जी वोटिंग नहीं हो सकती? *नहीं, क्योंकि गिरिराज का निशाना सिर्फ और सिर्फ मुसलमान हैं!* यह बयान साफ बताता है कि *बीजेपी को मुसलमानों से डर लगता है, इसलिए उन्हें बदनाम करके वोट बांटने की कोशिश की जा रही है।*
चिराग पासवान ने खोल दी पोल: “यह मुसलमानों को अपमानित करने का षड्यंत्र है!”
एनडीए के ही सहयोगी *चिराग पासवान* ने गिरिराज के बयान को *’घटिया और नफरत भरा’* करार देते हुए कहा:
> “यह बेवजह का हिंदू-मुस्लिम है। मुस्लिम बहनें बुर्का पहनकर वोट डाल रही हैं, तो क्या अपराध कर रही हैं? यह *मुसलमानों को बेवजह बदनाम करने की साजिश* है। बिहार को बांटने की कोशिश बंद होनी चाहिए!”
चिराग का यह बयान *एनडीए में भूचाल ला रहा है।
अंतिम सवाल
क्या बिहार में मुसलमानों को वोट डालने का अधिकार भी नहीं रहेगा?*
क्या बुर्का पहनना अब अपराध है?*
क्या गिरिराज सिंह को कोई सजा मिलेगी?*
नहीं मिलेगी। क्योंकि यह बीजेपी की रणनीति है – मुसलमानों को बदनाम करो, हिंदू वोटरों को डराओ, सत्ता हथियाओ।
लेकिन बिहार की जनता अब जाग रही है।
#RejectGirirajPoison
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