बरेली, 27 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में शुक्रवार को ‘आई लव मुहम्मद’ कैंपेन के समर्थन में निकले प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए इतेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान को गिरफ्तार कर लिया है। मौलाना तौकीर समेत आठ लोगों को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस घटना के बाद शहर में तनाव व्याप्त है, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
हिंसा की शुरुआत जुमे की नमाज के बाद हुई, जब मुस्लिम समुदाय के लोग शहर के कोतवाली क्षेत्र स्थित एक मस्जिद के बाहर ‘आई लव मुहम्मद’ के बैनर लेकर इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारी आला हजरत दरगाह और मौलाना तौकीर के आवास के पास भी जमा हुए। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, फिर भी भीड़ ने पथराव किया और वाहनों में आग लगाने की कोशिश की। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि हिंसा में बाहरी लोगों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा, “मौलाना तौकीर रजा पर हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप है। दस एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से सात में उनका नाम प्रमुख आरोपी के रूप में है।” एफआईआर में कुल 24 नामजद और 2,000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हुए हैं: प्रेम नगर थाने में एक, कोतवाली में छह, किला और कैंट थाने में एक-एक, तथा बारादरी थाने में भी एक एफआईआर।
पुलिस ने अब तक 39 उपद्रवियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जबकि कुल 30 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हिंसा वाली जगहों से अवैध हथियार और पथराव में इस्तेमाल सामग्री बरामद की गई है। एक फरार आरोपी नदीम की तलाश जारी है, जो कथित तौर पर व्हाट्सएप और फोन के जरिए संपर्क में था।
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “मौलाना भूल गए कि यूपी में किसकी सरकार है। ऐसी हिंसा करने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि वे 100 बार सोचेंगे।” सीएम के निर्देश पर पुलिस हरकत में आई और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की भी योजना है।
डीएम अरविंद कुमार ने बताया कि घटना से पहले मौलाना तौकीर के साथ बैठक हुई थी, जिसमें शांति बनाए रखने की अपील की गई। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं दी गई थी, और मौलाना को पहले ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया था।
मौलाना तौकीर रजा बरेलवी संप्रदाय के संस्थापक अहमद रजा खान के वंशज हैं और बरेली व आसपास के जिलों में उनका राजनीतिक प्रभाव है। शुक्रवार रात उन्होंने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें समर्थकों को संबोधित करने से रोका गया। पुलिस ने इसे हिंसा भड़काने का प्रयास बताते हुए कार्रवाई की।
शहर में भारी सुरक्षा बल तैनात है, और इंटरनेट सेवाओं पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई। स्थिति सामान्य होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अलर्ट बरकरार है।

