यूपी के जिस बलिया जिले को देश “बागी बलिया” के नाम से जानता है, वहां का सियासी पारा इन दिनों सातवें आसमान पर है। वजह है, योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का एक ऐसा बयान, जिसने बलिया के लोगों के स्वाभिमान को गहरी चोट पहुंचाई है।
मामला बांसडीह विधानसभा का है। यहां दो दिन पहले एक कार्यकर्ता सम्मेलन में आए मंत्री संजय निषाद शायद शब्दों की मर्यादा भूल गए। उन्होंने भरे मंच से कह दिया कि “बलिया के लोग अंग्रेजों के दलाल थे और आज भी दलाली करते हैं।” बस फिर क्या था, जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे जिले में गुस्से की लहर दौड़ गई।
लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस बलिया ने आजादी की लड़ाई में सबसे पहले बगावत का बिगुल फूंका था, वहां के लोगों के लिए मंत्री जी ऐसी सोच रखते हैं। इस बयान का असर अब सड़कों पर भी साफ दिख रहा है।
बाइक से घसीटा गया पुतला, लगे मुर्दाबाद के नारे
गुस्सा किस कदर हावी है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि विरोध प्रदर्शन का तरीका भी बेहद आक्रामक हो गया है। शहर में कुछ आक्रोशित युवाओं ने मंत्री संजय निषाद का पुतला बनाया और उसे बाइक के पीछे बांधकर पूरे रास्ते घसीटा। यह नजारा जिसने भी देखा, वह समझ गया कि मामला अब आसानी से शांत होने वाला नहीं है।
विरोध सिर्फ पुतला फूंकने तक सीमित नहीं है। कुछ लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा है कि उन्होंने मंत्री जी की जीभ काटने वाले को इनाम देने तक की बात कह दी है।
कांग्रेस ने खोला मोर्चा, बर्खास्तगी की मांग
इस पूरे मामले में अब विपक्षी पार्टियां भी कूद पड़ी हैं। कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सागर सिंह राहुल की अगुवाई में दर्जनों युवा नेताओं ने सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने साफ कहा कि मंत्री का यह बयान पूरे बलिया का अपमान है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।
फिलहाल, बलिया में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर चाय की टपरियों तक, हर जगह सिर्फ इसी बयान और उससे उपजे बवाल की चर्चा है। अब देखना यह है कि बढ़ते विरोध को देखते हुए मंत्री जी अपनी सफाई देते हैं या फिर यह “दलाली” वाला बयान उनके लिए और बड़ी मुसीबत खड़ी करता है।

