शफ़क़ खान , लखनऊ: आने वाले दिनों में दशहरा, दिवाली और छठ पर्व पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश में परिवहन व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है। योगी सरकार ने जहां सड़क परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें चलाने के निर्देश दिए हैं, वहीं रेलवे विभाग ने भी तैयारी तेज कर दी है। रेलवे त्योहार के मौके पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए 50 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चला सकती है। फिलहाल अभी इसपर अंतिम मुहर लगना बाकी है।
जानकारी के मुताबिक उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने इस बार करीब 52 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बकायदा प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक सप्ताह के भीतर इन ट्रेनों को हरी झंडी मिल जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध अतिरिक्त बोगियों को ध्यान में रखते हुए 52 ट्रेनों की योजना बनाई गई है। पहले 60 ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव था, लेकिन कोचों की कमी के कारण संख्या घटाकर 52 कर दी गई है।
इन ट्रेनों का संचालन मुख्य रूप से बिहार, कोलकाता, मुंबई और दिल्ली रूट पर किया जाएगा। जहां त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ होती है। छठ के मौके पर बहुत भारी भीड़ उमड़ती रही है। इसको ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा गोरखपुर और लखनऊ की ओर लौटने वाले यात्रियों के लिए भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी। जानकारों की मानें तो त्योहार से पहले ही त्योहार के समय सफर करने वालों ने एडवांस में सीट बुक कर ली हैं। कई ट्रेन में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में त्योहार के समय पर यह स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
बताया यह भी जा रहा है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ छोटी दूरी के स्टेशनों के बीच सर्कुलर ट्रेनें चलाने का भी निर्णय लिया है। ये ट्रेनें लखनऊ से बाराबंकी के रास्ते अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी होते हुए वापस लखनऊ लौटेंगी।
यही नहीं, त्योहारों पर यात्रियों की भीड़ हर साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती है। ऐसे में बसों और ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराने की कवायद तेज कर दी गई है।

