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4 Mar 2026, Wed

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ योगी सरकार की प्रतिबद्धता को चुनौती दे रहे हैं एलडीए अभियंता अंगद – अली

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ योगी सरकार की प्रतिबद्धता को चुनौती दे रहे हैं एलडीए अभियंता अंगद - अली

लखनऊ विकास प्राधिकरण जोन ६ में तैनात अवर अभियंता अंगद सिंह और सुपरवाइजर अली का भ्रष्टाचार योगी सरकार को सीधे चुनौती दे रहा है, उसके बावजूद प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अपने मातहत अंगद – अली के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, एलडीए प्रवर्तन जोन ६ में अंगद – अली अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के एवज़ में खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं, इसके एक दो नहीं कई दर्जन मामले सामने आ चुके है उसके बावजूद उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ना तो इन कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई कर रहे हैं और ही जाँच करा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सीएम योगी आदित्यनाथ के अभियान में लखनऊ विकास प्राधिकरण की कोई दिलचस्पी नहीं है ।

मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम को गंभीरता से नहीं लेते एलडीए अभियंता अंगद – अली Yogi Adityanath ANgry उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्ट अधिकारियों को कई बार अल्टीमेटम दिया है, उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को ऐसी सजा मिलेगी कि आने वाली सात पुश्तें तक याद रखेंगी, लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण में तैनात अभियंता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अल्टीमेटम को गंभीरता से नहीं लेते और लगातार भ्रष्टाचार में लिप्त है। एलडीए प्रवर्तन जोन ६ भ्रष्टाचार का यह आलम है कि यहां तैनात अभियंता अंगद सिंह और सुपरवाईजर अली खुलेआम अवैध निर्माणों को संरक्षण देकर अवैध कमाई करने में लगे हुए हैं, LNV इंडिया ने जोन ६ अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का एक सर्वे किया और अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जहाँ नियम विरुद्ध मानकों को ताख़ पर रख कर अभियंता बिल्डर नेक्सस अवैध निर्माणों को बढ़ावा दे रहे हैं ।

जोन ६ के हज़रतगंज में गोखले मार्ग पर फ्रेंड्स कॉलोनी के पास आवासीय मानचित्र पर व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण के ख़िलाफ़ स्थानीय निवासियों ने शिकायतें भी दर्ज कराई है, लेकिन अंगद – अली की जोड़ी शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डालकर अवैध निर्माण को संरक्षण दे रही है, निर्माणकर्ता से यह मोहब्बत क्यों है यह आप ख़ुद समझ सकते हैं ।

हज़रतगंज चौराहे के पास एक प्रतिष्ठित मिठाई व्यापारी के द्वारा अवैध निर्माण किया गया। जिसे तत्कालीन अभियंता ने दो बार सील किया था, व्यापारी ने सील भूखंड में रखे समान को निकालने के लिए टेंपरेरी सील खोलने का आवेदन किया, प्राधिकरण के अधिकारियों ने टेंपरेरी सील खोलने की परमिशन दी, सील खुली, लेकिन ना तो सामान निकाला गया और ना ही दुबारा भूखंड सील किया गया, अभियंता अंगद सिंह की मेहरबानी से सील भूखंड में व्यापारिक गतिविधियां संचालित हो रही है।

LDA ILLEGAL CONSTRUCTION

मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन के पास भी एक कमर्शियल निर्माण को भी अंगद – अली का खुला संरक्षण मिला हुआ है, नियम विरुद्ध निर्माण खुलेआम किया जा रहा है, शिकायतें होती रही और निर्माण गति पकड़ता गया, लेकिन कार्रवाई सिर्फ काग़ज़ों तक सीमित है, जल्द ही यह निर्माण भी मुख्यमंत्री कार्यालय को मुँह चिढ़ाएगा ।

अमीनाबाद के झंडे वाला पार्क के सामने ‘राज रतन’ के बगल में खुलेआम भव्य निर्माण किया जा रहा है, ना कोई नियम है, ना कानून, ना मानचित्र, उसके बावजूद निर्माण किया जा रहा है, पार्किंग, फायर सेफ्टी का कोई प्रविधान नहीं है, इतने व्यस्त इलाके में यह निर्माण ख़ुद बताता है कि भ्रष्टाचार की जड़े कितनी मज़बूत हैं । हादसा होने की स्थिति में ना तो यहाँ से फायर ब्रिगेड जा सकती है, ना कोई और मदद पहुँच सकती है, आमजन की जान की कोई परवाह नहीं, बस जेबें भरना चाहिए ।

अमीनाबाद के गुईन रोड पर कई अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, नियमों की अनदेखी कर दुकानें, शोरूम, ऑफिस स्पेस बनाये गए हैं, अंगद -अली के संरक्षण में ये निर्माण किए जा रहे हैं, शिकायतें भी हो रही हैं, खबरें भी लिखी जा रही है, जोन ६ की जोनल अधिकारी से लेकर प्राधिकरण के मुखिया तक के संज्ञान में है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है, वजह जिम्मेदार ही बता सकते हैं।

अमीनाबाद चौराहे के पास ही वीआईपी वर्ल्ड के पास भी नियम विरुद्ध निर्माण किया जा रहा है, यहाँ भी पार्किंग, फायर सेफ्टी का कोई प्रविधान नहीं है, बेसमेंट से लेकर सेटबैक तक में नियमों का उलंघन है, उसके बावजूद निर्माण हो रहा है, वजह है भ्रष्टाचार, लेकिन एलडीए उपाध्यक्ष को इससे कोई सरोकार नहीं ।

वजीरगंज क्षेत्र की बात करें तो यहाँ दो दर्जन से अधिक अपार्टमेंट, काम्प्लेक्स के निर्माण अंगद – अली के संरक्षण में किए जा रहे हैं, लाल मस्जिद से लेकर गोलागंज, मकबरा, मौलवीगंज, बारूदखाना में सकरी गलियों में ये निर्माण मोटी रकम लेकर किए जा रहे हैं, सूत्र कहते है अवैध निर्माण की कमाई का हिस्सा ऊपर तक जाता है, इस लिए अंगद – अली खुलेआम सब्रक्षण देते हैं, इस हम्माम में सभी नंगे हैं यो कार्रवाई कौन और किस पर करें ।

ये तो चंद नज़ीर हैं, जोन ६ अवैध निर्माण का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट है, सबसे ज़्यादा कमाई वाला क्षेत्र कहा जाता है, सूत्रों के अनुसार प्रति स्लैब दो लाख रुपए और प्रति माह पचास हज़ार रुपए से कम में यहाँ डील नहीं नहीं होती है। अवैध निर्माण हो या नियम विरुद्ध निर्माण इतना तो देना ही है, मुख्यमंत्री और सरकार को दिखाने के लिए छोटे मकानों पर कार्रवाई कर ढिंढोरा पीटा जाता है, एक अनुमान के अनुसार जोन ६ से प्रतिमाह अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के एवज में ५० लाख से ८० लाख तक की कमाई होती है, इसमें सील भूखंडों में काम शुरू करने का सुविधा शुल्क शामिल नहीं है।

Yogi Adityanath ANgry

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