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5 Mar 2026, Thu

LDA में भ्रष्टाचार का खेल – अभियंता अंगद सिंह के संरक्षण में अवैध निर्माण

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन 6 में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अवर अभियंता अंगद सिंह पर अवैध निर्माणों को संरक्षण देने का आरोप है। जोन 6 में उनकी तैनाती के बाद से अवैध निर्माणों की संख्या में कथित तौर पर वृद्धि हुई है, जिसने शहर के नियोजित विकास और नियम-कानून के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। आज हम अमीनाबाद क्षेत्र के एक ऐसे मामले का खुलासा कर रहे हैं, जो LDA के भीतर चल रहे कथित भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

अमीनाबाद के लाटूश रोड पर, विद्यांत कॉलेज के निकट, बिल्डर अमित अग्रवाल द्वारा एक भव्य कमर्शियल काम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। यह निर्माण नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर किया गया है। इस निर्माण में सेटबैक का कोई प्रावधान नहीं किया गया, जो LDA के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस अवैध निर्माण के खिलाफ पहले कार्रवाई भी हुई थी। तत्कालीन अभियंता ने इस मामले को गंभीरता से लिया, और परिणामस्वरूप विहित प्राधिकरण न्यायालय ने इस निर्माण को सील करने के स्पष्ट आदेश जारी किए थे।

LDA के जोन 6 के विहित प्राधिकारी द्वारा जारी सीलिंग के आदेशों के बावजूद, इस निर्माण पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि नोटिस और सीलिंग के आदेश शंकर नाम के व्यक्ति के नाम पर जारी किए गए, जबकि निर्माणकर्ता अमित अग्रवाल हैं। यह अस्पष्टता सवाल उठाती है कि क्या यह जानबूझकर किया गया ताकि जिम्मेदारी से बचा जा सके।

अंगद सिंह की जोन 6 में तैनाती के बाद से इस अवैध निर्माण को जैसे नई जिंदगी मिल गई। सीलिंग के आदेशों को लागू करने के बजाय, निर्माण कार्य को खुली छूट दी गई। आज यह शोरूम पूर्ण होने की कगार पर है, और जल्द ही यहां कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान शुरू हो सकते हैं। यह स्थिति न केवल LDA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि शहर के नियोजित विकास को भी खतरे में डाल रही है।

अंगद सिंह पर आरोप है कि उनकी तैनाती के बाद से जोन 6 में अवैध निर्माणों को संरक्षण मिलना आम बात हो गई है। यह केवल एक इमारत की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था की, जहां नियम-कानून को दरकिनार कर निजी हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। बिना LDA के अधिकारियों की मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण संभव नहीं है।

यह मामला न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि आखिर कब तक लखनऊ के विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जाएगा? LDA वीसी और जोनल अधिकारी को चाहिए कि वह अंगद सिंह के कार्यों की निष्पक्ष जांच करे और अवैध निर्माणों पर तुरंत कार्रवाई करे। साथ ही, आम जनता से अपील है कि वे ऐसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाएं और पारदर्शिता की मांग करें।

लखनऊ विकास प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के लिए जिम्मेदार है, लेकिन जब इसके अपने अधिकारी ही नियमों की अनदेखी करें, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। अमीनाबाद का यह मामला केवल एक उदाहरण है; ऐसे कई अन्य मामले भी हैं जो अभी सामने नहीं आए। LNV india इस मुद्दे पर नजर रखेगा और आपको हर अपडेट से अवगत कराएगा।

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