बुधवार दोपहर करीब 3 बजे सना की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर जाते इससे पहले उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण टीबी बताया गया। लेकिन शक की सुई उस वक्त घूमी जब सना के पति अजीत सिंह, जो फाइनेंस का काम करता है ने ग्रामीणों के साथ शव को गांव के श्मशान घाट ले गया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी।
पुलिस ने जलती चिता से शव निकालकर कब्जे में लिया
इसी दौरान युवती के मायके पक्ष को सूचना मिली कि सना का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस श्मशान घाट पहुंची। उस समय चिता जल रही थी। पुलिस टीम ने आग पर पानी डालकर उसे बुझाया और जलती चिता से शव को बाहर निकालकर कब्जे में लिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके से अजीत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सना के पिता निजाम ने लगाए गंभीर आरोप
किरावली थाना प्रभारी आनंद वीर सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता निजाम का आरोप है कि आरोपी अजीत सिंह उनकी बेटी सना को भगा ले गया था। उसका धर्म परिवर्तन कराया। उसका लंबे समय से उत्पीड़न किया जा रहा था। उसकी हत्या की गई है। इसलिए, चोरी छिपे उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। वहीं अजीत सिंह का कहना है कि सना बीमार थी और बीमारी से उसकी मौत हुई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत पर तस्वीर साफ हो सके।

