लखनऊ, 18 अक्टूबर 2025 : लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन-4 में भ्रष्टाचार का घोर मामला सामने आया है।जोन के भ्रष्ट अवर अभियंता हेमंत कुमार, सहायक अभियंता संजय वशिष्ठ और जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने मिली भगतसे निराला नगर के A-19 प्लॉट पर हो रहे अवैध निर्माण को संरक्षण दिया। दावा किया जा रहा है कि इन अफसरों ने पत्रकारों से लेकर उच्च अधिकारियों तक को गुमराह करते हुए निर्माण बंद कराने का झूठा आश्वासन दिया, जबकि अवैध भवन लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही संचालन शुरू होने वाला है। इस मामले ने LDA के उपाध्यक्ष (वीसी) प्रथमेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि उनके ही मातहत अफसरों पर कोई नियंत्रण नजर नहीं आ रहा।
अवैध निर्माण का ‘खेला’ कैसे चला?
एलडीए जोन 4 निराला नगर के A-19 प्लॉट पर बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। जब इसकी शिकायत स्थानीय निवासियों ने LDA उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, तो जोन-4 के इन तीनों अफसरों ने तत्काल ‘कार्रवाई’ का ढोंग रचा। हेमंत कुमार, संजय वशिष्ठ और प्रभाकर सिंह ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन स्थल का निरीक्षण किया और सबको आश्वस्त किया कि “अवैध निर्माण तुरंत बंद करा दिया जाएगा”। लेकिन हकीकत में, इनकी मिलीभगत से काम रुका नहीं, बल्कि रफ्तार पकड़ ली। आज तक निर्माण लगभग 90% पूरा हो चुका है, और बिल्डिंग को जल्द ही किराएपर देने या संचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है।
वीसी प्रथमेश कुमार की चुप्पी: मातहतों पर नियंत्रण का अभाव?
LDA के वीसी प्रथमेश कुमार, जिन्हें अवैध निर्माण रोकने के लिए कई बार सराहना मिल चुकी है, इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। पिछले साल दिसंबर से ही LDA ने शहर भर में सैकड़ों अवैध निर्माण सील किए और बुलडोजर चलाए, लेकिन जोन-4 में उनके ही अफसरों की करतूतें बेलगाम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि सिस्टम में गहरी सड़ांध का संकेत। एक पूर्व LDA अधिकारी ने कहा, “प्रथमेश कुमार अगर सख्ती दिखाते, तो यह
निर्माण कभी इतना आगे न बढ़ पाता। अब तो हाईकोर्ट तक मामला पहुंच सकता है।”
यह मामला LDA की विश्वसनीयता पर बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है। हमारी टीम लगातार अपडेट ले रही है। अधिकजानकारी के लिए बने रहें। www.lnvindia.in के साथ

