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4 Mar 2026, Wed

लखनऊ विकास प्राधिकरण जोन-4 में भ्रष्टाचार की तीसरी कड़ी: प्रियदर्शनी कॉलोनी में अवैध निर्माण का नया खेल, हेमंत और प्रभाकर सिंह के संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाईं

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लखनऊ, 15 अक्टूबर 2025 (एलएनवी इंडिया स्पेशल सीरीज): लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन-4 में भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। हमारी विशेष सीरीज ‘जोन-4 का काला कारोबार’ की पहली दो कड़ियों में हमने निराला नगर के ए-19 और अलीगंज के सेक्टर-के में एक्सिस बैंक के बराबर में चल रहे अवैध निर्माणों की पोल खोली थी। इन खबरों में जूनियर इंजीनियर हेमंत और जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह की मिलीभगत से नियम-कानून को ताक पर रखकर निर्माण कार्यों को संरक्षण देने का खुलासा हुआ था। लेकिन न तो LDA ने कोई कार्रवाई की, न ही इन अधिकारियों की ‘मोटी चमड़ी’ पर कोई असर पड़ा। आज इस सीरीज की तीसरी कड़ी में हम सीतापुर रोड पर प्रियदर्शनी कॉलोनी में एक और अवैध निर्माण का सनसनीखेज खुलासा लेकर आए हैं, जहां हेमंत और प्रभाकर सिंह का ‘खुला खेल’ बदस्तूर जारी है।

सीतापुर रोड पर प्रियदर्शनी कॉलोनी में, भगवती विहार फेज-2 के गेट के ठीक बगल में, एलजी गोदाम के पास 4000 स्क्वायर फीट के प्लॉट पर अवैध निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। इस निर्माण में बेसमेंट का काम शुरू हुआ था, जिसे तत्कालीन जोनल अधिकारी संगीता राघव ने नियम-विरुद्ध पाकर तत्काल बंद करवाया था। उनके सख्त आदेशों के बाद साइट को सील कर दिया गया था, और ऐसा लग रहा था कि कानून की जीत हुई। लेकिन यह जीत ज्यादा दिन नहीं टिकी। संगीता राघव का तबादला जोन-1 में होते ही, नए जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने चार्ज संभाला, और हेमंत ने फिर से अपना जादू चलाया। नतीजा? बंद पड़ा अवैध निर्माण न सिर्फ फिर से शुरू हो गया, बल्कि अब बेसमेंट के बाद एक स्लैब भी डाल दी गई है। यह निर्माण पूरी तेजी के साथ चल रहा है, और इसे जूनियर इंजीनियर हेमंत और जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह का खुला संरक्षण प्राप्त है।

नियमों का खुला उल्लंघन, कार्रवाई का नामोनिशान नहीं

इस निर्माण में हर तरह के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति के बेसमेंट बनाया गया, सेटबैक नियमों की अनदेखी की गई, और अब स्लैब डालकर निर्माण को और आगे बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अवैध निर्माण से कॉलोनी की जल निकासी और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक निवासी ने गुस्से में कहा, “हमने कई बार LDA में शिकायत की, लेकिन हेमंत और प्रभाकर सिंह पर कोई असर नहीं। क्या ये लोग कानून से ऊपर हैं? उच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री और LDA के बड़े अधिकारियों के आदेश भी इनके सामने बेअसर हैं।”

निराला नगर, अलीगंज और अब प्रियदर्शनी: हेमंत का ‘अटूट साम्राज्य’

हमारी पिछली खबरों में हमने बताया था कि कैसे निराला नगर के ए-19 में संगीता राघव द्वारा बंद कराए गए अवैध निर्माण को हेमंत ने प्रभाकर सिंह के साथ मिलकर फिर से शुरू करवाया। अलीगंज के सेक्टर-के में एक्सिस बैंक के पास व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में सेटबैक और बेसमेंट नियमों का उल्लंघन हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रियदर्शनी कॉलोनी का यह ताजा मामला हेमंत के भ्रष्टाचार के साम्राज्य का नया सबूत है। LNV इंडिया की खबरों के बाद भी न तो हेमंत पर कोई कार्रवाई हुई, न ही प्रभाकर सिंह ने कोई जवाबदेही दिखाई। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की चुप्पी भी सवाल उठा रही है। सूत्रों का कहना है कि दीवाली से पहले ‘कमाई का सीजन’ चरम पर है, और ये अवैध निर्माण उसी ‘लूट के त्योहार’ का हिस्सा हैं।

 

‘मोटी चमड़ी’ और बेकार आदेश: LDA की साख पर सवाल

जोन-4 के अधिकारियों की ‘मोटी चमड़ी’ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि न तो उच्च न्यायालय के आदेश, न ही मुख्यमंत्री के निर्देश, और न ही LDA के वरिष्ठ अधिकारियों की हिदायतें इन पर कोई असर डाल रही हैं। शिकायतें रद्दी की टोकरी में डाली जा रही हैं, और अवैध निर्माण बेरोकटोक चल रहे हैं। स्थानीय निवासियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। एक निवासी ने सवाल उठाया, “हम टैक्स देते हैं, लेकिन हमारी कॉलोनियों को अवैध निर्माणों का अड्डा बनाया जा रहा है। LDA की जवाबदेही कौन तय करेगा?”

सच्चाई की जंग जारी: अगली कड़ी का इंतजार

एलएनवी इंडिया की यह सीरीज जोन-4 के हर अवैध निर्माण को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी अगली कड़ी में हम एक और सनसनीखेज खुलासा लेकर आएंगे। क्या LDA कभी सुधरेगा? क्या हेमंत और प्रभाकर सिंह पर कार्रवाई होगी? या भ्रष्टाचार का यह तमाशा यूं ही चलता रहेगा? पाठकों से अपील है कि अपने इलाके में चल रहे अवैध निर्माणों की जानकारी हमारे साथ साझा करें। आपकी आवाज ही हमारी ताकत है।

बने रहें एलएनवी इंडिया के साथ—क्योंकि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता।

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