नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 10 कोट्स
- “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा!” ये वही नारा है, जिससे बोस ने अपनी आजाद हिंद फौज में जोश भर दिया था.
- “याद रखिए, सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है”
- “संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमें वह आत्मविश्वास पैदा किया जो पहले नहीं था”
- “यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मूल्य अपने रक्त से चुकाएं”
- “राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों -सत्यम, शिवम, सुंदरम से प्रेरित है”
- “सफलता हमेशा असफलता के स्तंभों पर खड़ी होती है”
- “आजादी दी नहीं जाती, ली जाती है”… इस नारे से नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने बताया कि आजादी मांगने से नहीं बल्कि अंग्रेजों से छीननी पड़ेगी.
- “स्वतंत्रता का मूल्य अपने रक्त से चुकाना हमारा कर्तव्य है”
- “जहां शहद का अभाव हो, वहाँ गुड़ से ही काम निकालना चाहिए”
- “विजेता वही होता है जो हारने के बाद भी दोबारा लड़ने का साहस रखता है”
देशभक्ति के लिए प्रेरित करते थे बोस
सुभाष चंद्र बोस देशभक्ति के लिए देशभर के लोगों को प्रेरित करते थे और उनके भाषणों में ऐसे नारे होते थे, जिन्हें सुनकर लोग स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़ते और अंग्रेजों से लोहा लेते थे. उनके ‘दिल्ली चलो’ और ‘जय हिंद’ के नारे ने ब्रिटिश साम्राज्य को हिलाकर रख दिया था.

