2 सितंबर को सुरक्षित रखा गया था फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में 2 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट इरफान सोलंकी के साथ-साथ उनके भाई रिजवान सोलंकी और इजराइल आटेवाला की जमानत अर्जियों पर भी एक साथ सुनवाई कर रही थी. यह मामला दिसंबर 2022 का है, जब इरफान सोलंकी और अन्य पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.
क्या है मामला?
कानपुर के जाजमऊ थाने में 26 दिसंबर 2022 को तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने इरफान सोलंकी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि इरफान सोलंकी एक गैंग बनाकर आर्थिक लाभ के लिए आम जनता को डराते थे. आरोप है कि वह अपने गैंग के सदस्यों की मदद से अवैध तरीके से धन और संपत्ति बनाते थे. उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस मामले में इरफान सोलंकी के साथ उनके भाई रिजवान सोलंकी और इजराइल आटेवाला को भी आरोपी बनाया गया था. इस केस में जमानत मिलने के बाद अब इरफान सोलंकी की रिहाई संभव हो पाएगी.
महाराजगंज जिला जेल में बंद हैं सोलंकी
इरफान सोलंकी के वकील इमरान उल्ला ने बताया कि इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी और इजराइल आटेवाला को गैंगस्टर मामले में जमानत मिल गई है. इस फैसले के बाद सोलंकी के जेल से बाहर आने का रास्ता खुल गया है. फिलहाल, इरफान सोलंकी महाराजगंज जिला जेल में बंद हैं. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और एजीए विकास सहाय ने जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध किया था. हालांकि, कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया. इरफान सोलंकी पिछले कई महीनों से जेल में बंद हैं. उन पर एक महिला का घर जलाने का भी आरोप लगा था, जिसके बाद से ही उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए थे. गैंगस्टर मामले में जमानत मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है. अब देखना यह है कि सोलंकी कब तक जेल से बाहर आते हैं.

