खनऊ के एक शांत सुबह की मॉर्निंग वॉक ने अचानक राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पूर्व उत्तर प्रदेश DGP और राज्यसभा सांसद बृजलाल ने आज सुबह अपनी वॉक के दौरान लखनऊ नगर निगम के कुछ कर्मचारियों को ‘बांग्लादेशी घुसपैठिए’ बताते हुए पकड़ लिया। यह पूरी घटना एक वीडियो में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। आइए, इसकी पूरी स्टोरी जानते हैं।
घटना का पूरा विवरण:
सुबह करीब 6 बजे, लखनऊ के एक हाई-प्रोफाइल इलाके (सूत्रों के अनुसार गोमती नगर के पास) में बृजलाल अपनी रूटीन मॉर्निंग वॉक पर थे। तभी उनकी नजर कुछ नगर निगम कर्मचारियों पर पड़ी, जो सड़क की सफाई कर रहे थे। संदेह होने पर सांसद साहब ने तुरंत उन्हें रोका और सख्त लहजे में पूछताछ शुरू कर दी। वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि वे कह रहे हैं, “तुम लोग कौन हो? कहां के रहने वाले हो? क्या तुम बांग्लादेश से आए हो? नाम-पता-पासपोर्ट सब दिखाओ!”
कर्मचारियों ने घबराते हुए सफाई दी कि वे असम के मूल निवासी हैं और लखनऊ नगर निगम में कई सालों से नौकरी कर रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी हैं। लेकिन बृजलाल संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने फोन निकाला, वीडियो बनाया और तुरंत ही X (पूर्व ट्विटर) पर अपलोड कर दिया। कैप्शन में लिखा: “लखनऊ में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ की जड़ें! नगर निगम तक में सेंध लग गई। CM योगी जी से अपील – तुरंत जांच और कार्रवाई हो!”
सोशल मीडिया पर धमाल:
यह वीडियो महज 2 घंटे में 50 हजार से ज्यादा व्यूज बटोर चुका है। #BrijlalViralVideo ट्रेंड कर रहा है। बीजेपी समर्थक इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा की मिसाल’ बता रहे हैं, जबकि विपक्ष (खासकर SP) इसे ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार दे रहा है। एक यूजर ने लिखा, “बृजलाल साहब सलाम! योगी सरकार में ऐसी सतर्कता ही असली सेवा है।” वहीं, दूसरे ने कहा, “ये तो बस वोट बैंक की राजनीति है, गरीब मजदूरों को टारगेट कर रहे हैं।”
नगर निगम और पुलिस की प्रतिक्रिया:
लखनऊ नगर निगम ने अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों के दस्तावेजों की फौरन जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर बयान दर्ज किए हैं। सांसद बृजलाल, जो पहले भी अवैध घुसपैठ के खिलाफ आंदोलन चला चुके हैं, ने कहा, “यह कोई पहली घटना नहीं। UP में हजारों बांग्लादेशी छिपे हैं, इन्हें बाहर निकालना होगा।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यालय से अभी चुप्पी साधी हुई है, लेकिन योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी को देखते हुए जल्द ही बुलडोजर या FIR का ऐक्शन हो सकता है। क्या ये कर्मचारी वाकई निर्दोष हैं या घुसपैठ का केस? जांच के इंतजार में पूरे शहर में बहस छिड़ गई है।
पिछली घटनाओं से कनेक्शन:बृजलाल पहले भी कई बार अवैध प्रवासियों के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। 2022 में उन्होंने राज्यसभा में 2006 लखनऊ ब्लास्ट केस को लेकर SP पर हमला बोला था। अब ये वीडियो उनकी ‘सतर्कता’ की एक और मिसाल बन गया है।
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