लखनऊ, 14 अक्टूबर 2025 (एलएनवी इंडिया स्पेशल सीरीज): लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन-4 में भ्रष्टाचार का नंगा नाच थमने का नाम नहीं ले रहा। हमारी विशेष सीरीज ‘जोन-4 का काला कारोबार’ की पहली कड़ी में हमने निराला नगर के ए-20 में अवैध व्यावसायिक निर्माण की सनसनीखेज कहानी सामने रखी थी, जहां जूनियर इंजीनियर हेमंत ने जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह को ‘मैनेज’ कर सील किए गए निर्माण को न सिर्फ वैध करवाया, बल्कि उसे कंपलीशन तक पहुंचाने का रास्ता साफ कर दिया। आज इस सीरीज की दूसरी कड़ी में हम अलीगंज के सेक्टर-के में एक और अवैध निर्माण की पोल खोल रहे हैं, जहां हेमंत का ‘संरक्षण’ नियम-कानून को ठेंगा दिखा रहा है।
अलीगंज में नियमों का ‘खुला माखौल’: एक्सिस बैंक के बराबर में अवैध कॉम्प्लेक्स
जोन-4 के अंतर्गत अलीगंज के सेक्टर-के में, एक्सिस बैंक के ठीक बगल में, एक और अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तेजी से आकार ले रहा है। यह निर्माण न सिर्फ मानचित्र स्वीकृति के विपरीत हो रहा है, बल्कि इसमें हर तरह के निर्माण मानकों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। बेसमेंट निर्माण में अनियमितताएं सामने आई हैं, और सेटबैक नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है—100% सेटबैक कवर कर लिया गया है, जो LDA के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यह क्षेत्र आवासीय उपयोग के लिए आरक्षित है, लेकिन बिल्डर ने इसे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में बदल दिया। और इस सारे खेल का ‘मास्टरमाइंड’? वही जूनियर इंजीनियर हेमंत, जिनके संरक्षण में यह अवैध निर्माण बेरोकटोक चल रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस निर्माण से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन पर बुरा असर पड़ रहा है। एक निवासी ने कहा, “हमने LDA में कई शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। हेमंत साहब की जेबें भर रही हैं, और नियम-कानून रद्दी की टोकरी में जा रहे हैं।” सूत्रों के मुताबिक, इस निर्माण को ‘वैध’ दिखाने के लिए मोटी रकम का लेन-देन हुआ है, और हेमंत ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
निराला नगर से अलीगंज तक: हेमंत का ‘भ्रष्टाचार राग’
पहली कड़ी में हमने बताया था कि कैसे निराला नगर के ए-20 में तत्कालीन जोनल अधिकारी संगीता राघव ने अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई की थी, लेकिन उनके ट्रांसफर के बाद हेमंत ने नए जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह को ‘मैनेज’ कर खेल पलट दिया। अलीगंज का यह ताजा मामला उसी कहानी का अगला अध्याय है। शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की ‘मेहरबानी’ से हेमंत पर अब तक कोई आंच नहीं आई। सूत्रों का कहना है कि दीवाली नजदीक आने के साथ ही ‘कमाई का सीजन’ जोरों पर है, और अलीगंज का यह निर्माण उसी ‘लूट के त्योहार’ का हिस्सा है।
सवाल बरकरार: LDA अधिकारियों ने साधी चुप्पी
आखिर हेमंत को इतना संरक्षण क्यों? क्यों LDA उपाध्यक्ष और जोनल अधिकारी शिकायतों को अनसुना कर रहे हैं? क्या लखनऊ का विकास सिर्फ बिल्डरों और भ्रष्ट अफसरों की जेबों के लिए है?
अगली कड़ी का वादा: सच्चाई की जंग जारी
एलएनवी इंडिया की यह सीरीज जोन-4 के हर अवैध निर्माण को बेनकाब करेगी। हमारी अगली कड़ी में हम एक और सनसनीखेज खुलासा लेकर आएंगे। क्या LDA सुधरेगा? क्या हेमंत पर कोई कार्रवाई होगी? या भ्रष्टाचार का यह तमाशा यूं ही चलता रहेगा? पाठकों से अपील है कि अपने इलाके के अवैध निर्माणों की जानकारी हमारे साथ साझा करें। हमारी आवाज आपकी आवाज है।
बने रहें एलएनवी इंडिया के साथ—क्योंकि सच्चाई को चुप नहीं किया जा सकता।

