Azamgarh : पुलिस के ऊपर समाज की बड़ी जिम्मेदारी होती है। पारिवारिक क्लेश को दूर करती है जहां पति-पत्नी के झगड़ो को भी सुलझाती है। वहीं आजमगढ़ में एक ऐसा मामला आया जहां एक महिला पुलिस अधिकारी जो डॉक्टर पति से बात करना नहीं चाहती, उल्टा बात करने पर जेल भेजने की धमकी देती है। ऐसा आरोप डॉक्टर पति ने लगाया है, जिले में उनकी पत्नी क्षेत्राधिकार सदर पद पर तैनात हैं। वर्दी का रौब को लेकर पति ने इनकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से करने पहुंचे।
समस्या आने पर लोग पुलिस के पास जाते है लेकिन पुलिस ही समस्या बन जाये वो भी पति के लिए, तो पुलिस अधिकारी पत्नी का पीड़ित पति जाए तो जाए कहाँ। बता दें की आजमगढ़ जिले के मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर में डॉ. सत्यम गुप्ता असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनात हैं। डॉ. सत्यम जो वाराणसी जनपद के रहने वाले जिनकी शादी बलिया जिले की आस्था जायसवाल से अरेंज मैरिज 2023 वर्ष के जून माह हुआ था। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर शिकायत करने पहुंचे डॉ. सत्यम ने बताया कि मेरी लगभग ढाई साल हुए शादी के दौरान अप्रैल 2024 में एक बच्चा हुआ। उनकी पत्नी आस्था जायसवाल आजमगढ़ जिले में सीओ सदर के पद पर मौजूदा समय तैनात हैं। पति का आरोप है कि जैसे ही बच्चा पैदा हुआ उनकी पत्नी ने कहा आपसे कोई मतलब नहीं और बच्चे को भी मुझसे दूर कर किया। पति ने बताया कि बेटे के उपनाम गुप्ता को हटाकर जायसवाल कर दिया गया, जहां बच्चे का नाम अथर्व गुप्ता था जिसका नाम बदलकर अथर्व जायसवाल किया। शादी के बाद कभी उनकी विदाई भी नहीं हुई और कभी विदाई कराना नहीं चाहती थी। पति ने आरोप लगाया की मौजूदा जिले में तैनात सीओ सदर उनकी पत्नी द्वारा कहा गया कि तुम कायदे में रहोगे तो मैं सोचूंगी। यहां तक धमकी दी की क्या जेल जाना चाहते हो। इस पूरे मामले को लेकर जब पत्नी से जानना चाहा तो कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला वहीं उनके माता-पिता से बात की तो उन्होंने कहा कि हमने शादी कर दी है, अब तुम जानो। पति ने अंततः मार्च 2025 में तलाक के लिए आवेदन किया, जहां मामला कोर्ट में चल रहा है। पति ने बताया कि वह ना तलाक देना चाहती हैं और न रहना चाहती हैं। वह जिले में तैनात लोगों के साथ क्या न्याय करेंगी। वहीं अब परेशान होकर आज आज़मगढ़ पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

