लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उप मुख्यमंत्री ( स्वास्थ्य मंत्री )बृजेश पाठक जी के आदेशों को धूमिल करते सरकारी स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर और दलालों के साथ मिले kgmu के कर्मचारी लोग..
नहीं थम रहा है ट्रामा सेंटर के बाहर मरीजों कि दलाली का धंदा, दूर दराज से आये हुए मरीजों का किया जाता है यहाँ सौदा,और ले जाया जाता है बाबू युगराज सिंह कॉलेज ऑफ़ मेडिकल एंड साइंस इस्टिट्यूट,
जोकि मलेसिया मऊ गोमतीनगर नगर विस्तार मे स्थित है, वहाँ के ओनर अपने भेजे हुए गुर्गो (दलालों)से करवाते है मेडिकल कॉलेज मे आये हुए मरीजों का सौदा,
सौदा करने के लिए बाहर 4 पहिया गाड़ी मे बैठे दलाल लोग गाड़ी न. UP32PL0946 है, गाड़ी भी हॉस्पिटल के ऑनर द्वारा इनलोगो को दी जाती है ताकि मेरे गुर्गो को कोई देख ना सके और वो अपना काम बड़ी सफाई से कर सकें, आप इस विडिओ मे साफ देख सकते है उनकी कार को,और उन्ही के साथी लोग जोकि करते है बाहर से आये हुए मरीजों का सौदा.
सौदा होने के बाद मरीज के तिमारदारों को दलाल लोग किनारे ले जाते हैं समझाने, साथ मे स्टाफ के कुछ कर्मचारी भी अपने कमीशन के चक्कर मे मरीज के परिजनों का कर देते है ब्रेन वाश और दलालों के साथ मिलकर करते हैं उनके परिजनों से मीठी,मीठी बाते और आखिर मे उनको और मरीज को समझा बुझाकार दलालों द्वारा भेज दिया जाता है दलालों के अपने निजी बाबू युगराज सिंह प्राईवेट हॉस्पिटल, जहां फिर मरीज के पहुँचते ही शुरू हो जाता है, उनसे इलाज के नाम पर उनपर रिसर्च करने और ज्यादा से ज्यादा पैसा ऐंठने का काम,और करने लगते हैं मरीज के परिजनों से धन उगाही,
सूत्रों कि माने तो क्षेत्रीय थाने कीऔर चौकी कि पुलिस भी उन प्राइवेट हॉस्पिटलों के दलालों से रहती है मिली,
इन्हीं सरकारी विभाग के लोगों कि मिलीभगत से ही तो दलालों कि भरमार है ट्रामा सेंटर के अंदर और बाहर, फिर वो चाहे मरीजों कि हो, दवाई कि हो,ब्लड कि हो, एम्बुलेंस कि हो, या फिर लाश गाड़ियों कि हो, सारे ही विभाग मे आपको KGMU मेडिकल कॉलेज, ट्रामा सेंटर के अंदर बाहर दलाल मिल जाएंगे, जोकि करते रहते हैं शहर से और बाहर से आये हुए सीधे
साधे लोगों को बेवकूफ़ बनाकर अवैध तरीके से धन उगाही का काम,
आखिर क्या मज़बूरी है सरकारी कर्मचारियों कि जबकि सरकार मतलब भर का वेतन भी देती है फिर भी ऐसे दलालों के साथ मिलकर क्यों करते हैं ऐसा घिनौना काम किसी परेशान परिवार कि क्यों लेते है हाय,
जबकि उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक जी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग मे किसी चीज कि कमी नहीं है, सारे सरकारी असपतालों मे सारी सुविधाएँ उपलब्ध हैँ, उसके बाद भी वहाँ का स्टाफ कभी ऑक्सीजन तो कभी इंजेशन, तो कभी दवाई का बहाना बनाकर मरीजों को दलालों के हाथ देते हैं बेच, जिससे कि उनको इतने से काम के लिए मिलता है अच्छा खासा कमीशन,डॉक्टर भी खुश, स्टाफ भी खुश, उनके साथ साथ प्राइवेट हॉस्पिटल के दलाल को जोकि आप इस विडिओ मे देख सकते है और उनका मालिक भी खुश,
और एक बात और भी बहुत गंभीर सामने निकलकर आती है कि जिस प्राइवेट हॉस्पिटल मे मरीज को ले जाया जाता है वह मेडिकल कॉलेज से तक़रीबन 20 से 25 km. दूर है ताकि मरीज दोबारा जल्दी किसी सरकारी अस्पताल मे जा ही ना पावे,और वहीं अपनी और अपने परिजनों कि सारी कमाई देदे,
खैर कोई बात नहीं अब देखना ये होगा कि इस ख़बर को संज्ञान मे लेकर पुलिस के उच्च अधिकारी और सरकारी स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी इन मरीजों का सौदा करने वाले दलालों के ऊपर क्या करते हैं कर्यावाही

