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4 Mar 2026, Wed

निषाद समाज को 70 साल से कौन बना रहा है बेवकूफ? संजय निषाद ने बलिया में खोल दिए कई पुराने राज…

बलिया: यूपी की राजनीति में बयानों के तीर अक्सर चलते रहते हैं, लेकिन इस बार मौका था बलिया के बांसडीह का, जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद पहुंचे थे। वैसे तो मंत्री जी एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे, लेकिन जब नेता जनता के बीच हो, तो बात राजनीति और समाज की अपने आप निकल आती है। उनका स्वागत भी यहाँ बड़ा जोरदार तरीके से हुआ।

शादी का मौका और समाज की बात
बांसडीह में मीडिया से रूबरू होते हुए संजय निषाद ने बड़े ही देसी अंदाज में कहा कि लगन और शादियों का सीजन चल रहा है, उसी सिलसिले में हम यहाँ आए हैं। लेकिन असली दर्द तब झलका जब उन्होंने अपने समाज की बात छेड़ी। उन्होंने साफ कहा कि वे यहाँ अपने निषाद भाई-बहनों को सरकार की योजनाओं के बारे में बताने आए हैं।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “देखिए, होता क्या है कि कुछ लोगों को जानकारी होती है और कुछ को पता ही नहीं होता कि सरकार उनके लिए क्या कर रही है। हमारा काम है उन्हें बताना। पिछले 70 सालों से विपक्षी पार्टियां हमारे लोगों को सिर्फ बहकाती रही हैं। कभी आरक्षण के नाम पर तो कभी किसी और मुद्दे पर, बस इमोशनल खेल खेला गया है।”

बलिया के लोगों का दर्द और विपक्ष पर निशाना
संजय निषाद ने बलिया की जमीनी हकीकत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग आज भी आवास (घर) के लिए तरस रहे हैं, शिक्षा की कमी है। उन्होंने इशारा कर दिया कि अब उनकी नजर अगली विधानसभा तैयारियों पर है और वे चाहते हैं कि समाज अब मुख्यधारा से जुड़े।

अखिलेश यादव पर तीखा वार: ‘किसका कब्जा है आरक्षण पर?’
बातचीत का पारा तब चढ़ गया जब सवाल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के एसआईआर (SIR) और आरक्षण वाले बयान पर आया। संजय निषाद ने बिना लाग-लपेट के कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए सिर्फ बयानबाजी हो रही है।

अखिलेश यादव को घेरते हुए उन्होंने तंज कसा, “आज ये लोग आरक्षण की बात कर रहे हैं, लेकिन इन्होंने दिया क्या? हकीकत तो ये है कि पिछड़ों के 27% आरक्षण में से बड़ा हिस्सा ‘मिल्क मैन’ (इशारों में विशेष जाति पर तंज) और 23% अन्य लोगों ने कब्जा रखा है। हमारे लोगों के हाथ क्या आया?”

SIR का समर्थन क्यों?
एसआईआर (सर्वे और रिवीजन) की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने सरकार का बचाव किया। उन्होंने समझाया कि मतदाता सूची और डेटा में मरे हुए लोगों के नाम हटें और नए व सही लोगों के नाम जुड़ें, इसके लिए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है। हम इसका पूरा समर्थन करते हैं। विपक्ष का काम बस शोर मचाना रह गया है।

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