लखनऊ, 16 अक्टूबर 2025 (एलएनवी इंडिया स्पेशल सीरीज): लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन-4 में भ्रष्टाचार का काला साम्राज्य दिन–ब–दिन फैलता जा रहा है। हमारी विशेष सीरीज ‘जोन-4 का काला कारोबार’ की पिछली तीन कड़ियों में हमने निराला नगर (ए-19), अलीगंज (सेक्टर–के, एक्सिस बैंक के पास) और प्रियदर्शनी कॉलोनी (सीतापुर रोड) के अवैध निर्माणों की पोल खोली थी। हर बार जूनियर इंजीनियर हेमंत और जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह की मिली भगत सामने आई, लेकिन LDA की ‘मोटी चमड़ी’ वाले अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। न उच्च न्यायालय के आदेश, न मुख्यमंत्री के निर्देश—कुछ भी काम नहीं आया। आज इस सीरीज की चौथी कड़ी में हम कपूरथला रोड के सेक्टर–बी में एक और सनसनीखेज अवैध निर्माण का खुलासा कर रहे हैं, जहां अब सहायक इंजीनियर संजय वशिष्ठ भी हेमंत–प्रभाकर की भ्रष्ट तिकड़ी में शामिल हो गए हैं।
कपूरथला रोड पर चार मंजिला अवैध कॉम्प्लेक्स
जोन-4 के कपूरथला क्षेत्र में, मकान नंबर B1-56, सेक्टर–बी, मेन रोड पर मानचित्र के पूर्णतः विपरीत एक चार मंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तेजी से खड़ा हो रहा है। यह आवासीय कॉलोनी में व्यावसायिक निर्माण है, जो LDA के हर नियम का खुला उल्लंघन है। बिना मानचित्र स्वीकृति, सेटबैक नियमों की अनदेखी और ऊंचाई सीमा का पालन न करना—सब कुछ हो रहा है। और इस खेल का संरक्षण? जूनियर इंजीनियर हेमंत कुमार, सहायक इंजीनियर संजय वशिष्ठ और जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह की तिकड़ी के बिना यह संभव ही नहीं। सूत्रों के मुताबिक, मोटी रकम के लेन–देन से यह निर्माण ‘वैध’ दिखाया जा रहा है, जबकि हकीकत में यह भ्रष्टाचार का नंगा रूप है।
कपूरथला चौराहे से साहू एजेंसीज तक दर्जनों अवैध कॉम्प्लेक्स, एक पर भी नहीं हुआ एक्शन
कपूरथला चौराहे से साहू एजेंसीज तक पूरे मेन रोड पर लेफ्ट और राइट दोनों साइड में दर्जनों अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पहले ही बन चुके हैं। इनमें से कई पर सीलिंग के आदेश हैं, ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हो चुके हैं, लेकिन हेमंत–संजय–प्रभाकर की तिकड़ी ने सबको ‘मैनेज’ कर दिया। न सीलिंग की कार्रवाई हुई और ना ही ध्वस्तीकरण किया गया —बल्कि नए निर्माण जोरों पर हैं।
अवैध निर्माण के संरक्षणदाता- अवैध निर्माण के मैनेजर
- पहली कड़ी (निराला नगर): संगीता राघव के ट्रांसफर के बाद हेमंत ने प्रभाकर को ‘मैनेज’ कर सील खुलवाया।
- दूसरी कड़ी (अलीगंज): बेसमेंट और सेटबैक उल्लंघन, हेमंत का संरक्षण।
- तीसरी कड़ी (प्रियदर्शनी): बेसमेंट से स्लैब तक, हेमंत–प्रभाकर की जोड़ी।
अब चौथी कड़ी (कपूरथला): संजय वशिष्ठ की एंट्री के साथ तिकड़ी पूरी। LNV की तीनों खबरों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं—यह साबित करता है कि जोन-4 के अधिकारियों की ‘चमड़ी’ इतनी मोटी है कि उच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री और LDA वीसी के आदेश भी बेअसर हैं।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की ‘नर्मी’: भ्रष्टाचार को बढ़ावा
अवैध निर्माणों का सबसे बड़ा कारण LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का अपने मातहतों से ‘नर्म व्यवहार’ है। LDA वीसी द्वारा हेमंत, संजय वशिष्ठ और प्रभाकर सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना ही इस भ्रष्टाचार को हवा दे रहा है। सूत्र फुसफुसातेहैं: “दीवाली से पहले ‘अवैध कमाई का त्योहार’ चरम पर है। ये तिकड़ी जेबें भर रही है, प्रथमेश साहब चुप हैं।”
जनता का गुस्सा, सवाल बरकरार
निराला नगर निवासी राजेश सिंह कहते है। “LDA हमारा शहर बर्बाद कर रहा है। अगर अधिकारी ही भ्रष्ट हैं, तो कानूनकिसका?”
सच्चाई की जंग जारी: पांचवीं कड़ी का वादा
एलएनवी इंडिया की यह सीरीज जोन-4 के हर काले कोने को रोशनी दिखाएगी। अगली कड़ी में होगा एक और धमाकेदारखुलासा। क्या कार्रवाई होगी? या लूट जारी रहेगी? अपने इलाके के अवैध निर्माण बताएं—हमारी आवाज आपकी ताकत है।
बने रहें एलएनवी इंडिया के साथ—सच्चाई दबेगी नहीं!
