शादी से मौत तक की पूरी कहानी
संगरू राम की पहली पत्नी का कुछ समय पहले निधन हो चुका था, और उनकी कोई संतान नहीं थी। वहीं, मनभावती भी विधवा हैं और उनके तीन बच्चे हैं। दोनों परिवारों के बीच रिश्ता तय होने के बाद 30 सितंबर को धूमधाम से शादी हुई। रस्में निभाने के बाद सुहागरात मनाई गई। लेकिन अगली सुबह, यानी 1 अक्टूबर को संगरू राम की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
नई दुल्हन मनभावती ने पुलिस को दिए बयान में बताया, “हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हमने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” यह बयान कई समाचार स्रोतों में दर्ज है, जो घटना की प्रारंभिक जांच का हिस्सा बन चुका है।
संदेह की आशंका: भतीजों ने रोका अंतिम संस्कार
मृतक के भतीजों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि बुजुर्ग की उम्र को देखते हुए यह मौत सामान्य नहीं लग रही। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद थाना गौरा बादशाहपुर की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और प्रारंभिक जांच में किसी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। गांव में अफवाहें उड़ रही हैं कि यह ‘सुहागरात का श्राप’ जैसा कुछ हो सकता है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
गांव में मातम का माहौल
यह घटना सुनते ही गांव में सन्नाटा छा गया। जहां एक ओर शादी की खुशी थी, वहीं अब मातम का आलम है।

