आज हमारे सबके प्रिय, भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती है. उन्हें हम सब ‘मिसाइल मैन’ और ‘जनता के राष्ट्रपति’ के नाम से जानते हैं. उनकी जिंदगी और उनके विचार हम सभी के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत हैं. आज उनकी जयंती पर आइए, उनके कुछ ऐसे विचारों को याद करते हैं जो हमें आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने की हिम्मत देते हैं.
डॉ. कलाम का मानना था कि सपने देखना बहुत ज़रूरी है, लेकिन सिर्फ सपने देखना ही काफी नहीं है, उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन भी चाहिए. उन्होंने कहा था, “सपने वो नहीं होते जो आप सोते हुए देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते.” इस बात में कितनी सच्चाई है, है ना?
उनका पूरा जीवन सादगी, ईमानदारी और देश प्रेम का अद्भुत उदाहरण था. एक गरीब परिवार से निकलकर उन्होंने भारत के सबसे ऊँचे पद तक का सफर तय किया और अपनी पूरी ज़िंदगी विज्ञान, शिक्षा और समाज को समर्पित कर दी. उन्होंने हमेशा युवाओं को प्रेरित किया कि वे ज्ञान हासिल करें, सवाल पूछें और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें.
डॉ. कलाम सिर्फ वैज्ञानिक ही नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी नेता भी थे. उन्होंने ‘विजन 2020’ का सपना देखा था, जिसमें उन्होंने भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की बात कही थी. वे हमेशा कहते थे कि “आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बीमारी को मारने के लिए सबसे अच्छी दवा है.”
आज उनकी जयंती पर, आइए हम सब उनके विचारों से प्रेरणा लें. अपने जीवन में बड़े लक्ष्य तय करें, उनके लिए जी-जान लगाकर मेहनत करें और कभी भी हार न मानें. जैसा कि डॉ. कलाम ने कहा था, “इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं.”
तो चलिए, आज से ही एक नई शुरुआत करते हैं, डॉ. कलाम के सपनों के भारत को बनाने में अपना योगदान देते हैं और एक बेहतर इंसान बनने की कोशिश करते हैं.

