
लखनऊ, 11 अक्टूबर 2025 (एलएनवी इंडिया स्पेशल रिपोर्ट): लखनऊ की हवा में विकास का दम घोंटते हुए, अवैध निर्माणों का बाजार जोर–शोर से फल–फूल रहा है। Lucknow Development Authority (LDA) के Enforcement Zone-4 में ‘भ्रष्टाचार के सरदार’ जूनियर इंजीनियर हेमंत के आशीर्वाद से बिल्डरों का राज चल रहा है, सील भूखंड हो या बिना मानचित्र के उगते कंक्रीट के जंगल, नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले व्यावसायिक निर्माण हो या आवासीय कॉलोनी में चमकते शोरूम—सब कुछ ‘खुला खेल’ है। शर्त सिर्फ इतनी कि हेमंत साहब की ‘सेवा’ में मोटी रकम चढ़ाओ और अवैध निर्माण की NOC हासिल कर लो। यह कोई सनसनीखेज कथा नहीं, बल्कि LDA के गलियारों में घूमती सच्चाई है, जो आम नागरिकों के सपनों पर भारी पड़ रही है।
एलएनवी इंडिया आज से एक विशेष सीरीज की शुरुआत कर रहा है—‘जोन-4 का काला कारोबार’—जो हेमंत के संरक्षण में जारी अवैध निर्माणों की पोल खोलेगी। पहली कड़ी में हम लेकर आ रहे हैं निराला नगर के ए-19 प्लॉट का मामला।
तत्कालीन ज़ोनल अधिकारी संगीता राघव ने अवैध निर्माण के ख़िलाफ़ की कार्रवाई, मौजूद ज़ोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह करा रहे अवैध निर्माण, ज़ोनल अधिकारी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
निराला नगर, लखनऊ की एक प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी, जहां शांति और हरियाली का वादा किया गया था, आज अवैध कमर्शियल निर्माण का शिकार बन चुकी है। ए-19 निराला नगर पर बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के, पूर्णतः नियम–विरुद्ध तरीके से एक व्यावसायिक इमारत खड़ी की जा रही है। यह प्लॉट आवासीय उपयोग के लिए आरक्षित था, लेकिन बिल्डरों ने इसे कमर्शियल में तब्दील कर दिया। स्थानीय निवासियों की शिकायतों पर तत्कालीन जोनल अधिकारी संगीता राघव ने फौरन संज्ञान लिया। उन्होंने सख्त निर्देश जारी किए: “अवैध निर्माण तत्काल बंद कराएं” और कार्रवाई हुई भी—मशीनें रुक गईं, साइट पर काम बंद हो गई।
लेकिन यह कार्रवाई ज्यादा दिन नहीं टिकी, अचानक संगीता राघव को जोन-1 की जिम्मेदारी सौंप दी गई, मानो उनकी ईमानदारी ही खतरा बन गई हो। जोन-4 का चार्ज आ गया प्रभाकर सिंह के हाथों में। यहां से कहानी ने भ्रष्टाचार का रंग पकड़ लिया। सूत्रों के मुताबिक, जूनियर इंजीनियर हेमंत ने नए जोनल अधिकारी को ‘कुछ ऐसी घुट्टी पिला दी’ कि अवैध निर्माण न सिर्फ वैध घोषित हो गया, बल्कि अब कंपलीशन (पूर्णता प्रमाण–पत्र) की तैयारी चल रही है। क्या यह संयोग है या सुनियोजित साजिश?
हेमंत का ‘अटूट संरक्षण’: उपाध्यक्ष की ‘मेहरबानी’ से बाल बांका नहीं

निराला नगर निवासी और शिकायतकर्ता राजेश सिंह कहते हैं, “हमारा शहर विकास का प्रतीक बनेगा या भ्रष्टाचार का अड्डा? हेमंत जैसे अफसरों के चलते LDA की साख दांव पर है। सरकार को जगना होगा, वरना अवैध निर्माण पूरे लखनऊ को निगल लेंगे।”
आगे क्या? सीरीज जारी, सच्चाई उजागर
यह सिर्फ शुरुआत है। एलएनवी इंडिया की यह सीरीज जोन-4 के हर कोने को खंगालेगी—अगली कड़ी में लाएंगे एक और अवैध निर्माण की सनसनीखेज कहानी। क्या LDA सुधरेगा? क्या हेमंत पर कार्रवाई होगी? या भ्रष्टाचार का यह चक्र चलता रहेगा? पाठकों से अपील: अगर आपके इलाके में ऐसा कुछ हो रहा है, तो हमें बताएं। सच्चाई की जंग में हम सब एक हैं।
बने रहें एलएनवी इंडिया के साथ—क्योंकि सच्चाई छिपी नहीं रह सकती।
