भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह, जिनका नाम हमेशा से चुनावी गलियारों में गूँजता रहा है, अक्सर चर्चा में रहते हैं कि वह कब और किस सीट से चुनाव लड़ेंगे। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। हाल ही में जो खबरें सामने आ रही हैं, वे चौंकाने वाली हैं। खुद पवन सिंह ने कथित तौर पर विधायक बनने की इच्छा से इनकार कर दिया है। तो क्या इसका मतलब यह है कि वह राजनीति से दूर रहेंगे? बिल्कुल नहीं! भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है, जिससे तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाती है।
मनोज तिवारी ने बताया कि पवन सिंह फिलहाल विधायक का चुनाव लड़ने के मूड में नहीं हैं। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि भाजपा उन्हें चुनाव नहीं लड़ाएगी। दरअसल, पार्टी की रणनीति कुछ और है। तिवारी जी के अनुसार, भाजपा पवन सिंह को एक बड़े मंच पर लाना चाहती है, और उनकी लोकप्रियता का इस्तेमाल एक व्यापक क्षेत्र में करना चाहती है।
यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पवन सिंह की फैन फॉलोइंग सिर्फ बिहार या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में उनके चाहने वाले मौजूद हैं। ऐसे में भाजपा उन्हें किसी विधानसभा सीट पर बाँधने की बजाय, लोकसभा चुनाव में उतारने पर विचार कर रही है। मनोज तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पवन सिंह के लिए सही समय और सही सीट का इंतजार कर रहा है।
इसका सीधा सा मतलब है कि पवन सिंह के राजनीतिक करियर का अध्याय अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि एक नया और बड़ा अध्याय शुरू होने वाला है। हो सकता है कि उन्हें अगले लोकसभा चुनाव में किसी अहम सीट से मैदान में उतारा जाए, जहाँ उनकी स्टार पावर और जनसंपर्क का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
यह भी संकेत मिलता है कि भाजपा पवन सिंह को सिर्फ एक विधायक के तौर पर नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय स्तर के नेता के तौर पर देखती है। उनकी ऊर्जा, युवाओं में उनकी पकड़ और उनकी संवाद शैली, ये सब ऐसे गुण हैं जो उन्हें एक सफल सांसद बना सकते हैं।
तो, जो लोग यह सोच रहे थे कि पवन सिंह राजनीति से किनारा कर रहे हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यह सिर्फ एक विराम है, एक रणनीति का हिस्सा है। मनोज तिवारी की बातों से साफ है कि भाजपा ने पवन सिंह के लिए कुछ बड़ा सोच रखा है। बस, हमें सही समय का इंतजार करना होगा जब ये पावर स्टार चुनावी अखाड़े में अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे।

