पूजन कार्यक्रम कथा व्यास परमपूज्य पीठाधीश्वर संत श्री रविशंकर जी महाराज “गुरु भाई”
के देखरेख में हुआ।
कथा में पूज्य गुरु देव श्री रविशंकर जी महाराज गुरु भाई ने बताया कि मोह सकल व्याधि के मूला माया और मोह जीव को भ्रमित कर देते है, श्री रामचरितमानस कथा मे आता है नारद जी महाराज जैसे व्यक्ति जो देवताओं के देव ऋषि माने गए हैं वह भी माया के चक्कर में पड़ गए बड़े-बड़े संत महात्मा भी माया से नहीं बच पाए वही बच पाता है जिस पर भगवान की अटूट कृपा होती है| भक्ति सबसे सरल साधना मानी गई है, जो परमात्मा तक पहुंचाई जा सकती है भक्ति प्राप्ति की कोई अवस्था नहीं मानी गई है | ध्रुव और प्रहलाद जी ने बाल काल्य में भगवान को प्राप्त कर लिया है अगर जीव भक्त है चाहे वह पशु भी हो भगवान उसका उद्धार करते हैं जैसे गज का उद्धार भगवान ने किया।
कथा कार्यक्रम में मुख्य यजमान श्रीमती माला देवी और शंकर कुशवाहा रहे।
कथा के दौरान कमेटी के सुनील रस्तोगी, अनुराग शर्मा, सुभाष गुप्ता,प्रतीक टंडन,अविनाश गुप्ता,बीनू कुशवाहा, शानू कसौधन, गौरव रस्तोगी, अजय कसौधन, शुभम कसौधन, निखिल कसौधन, सत्यम कसौधन,राजू सोनी,अभिषेक कसौधन, विवेक सिंह ,वेद प्रकाश सोनी,सहित भारी संख्या में लोग सम्मिलित हुए।

