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3 Mar 2026, Tue

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही सियासी तीर-तकाजे शुरू हो गए हैं। रविवार को दरभंगा के केवटी में एक रैली के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी महागठबंधन पर तीखा प्रहार किया। महात्मा गांधी के प्रसिद्ध ‘तीन बंदरों’ (न देखने वाला, न सुनने वाला, न बोलने वाला) का हवाला देते हुए योगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘पप्पू’, आरजेडी के तेजस्वी यादव को ‘टप्पू’ और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव को ‘अप्पू’ (या ‘अक्कू’) बुलाया। इस बयान ने पूरे राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया, और विपक्ष ने इसे ‘भड़काऊ’ और ‘असंवेदनशील’ बताते हुए सीएम योगी को आड़े हाथों लिया।

योगी का तंज: ‘इंडिया गठबंधन के तीन नए बंदर’
रैली को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, “गांधीजी के तीन बंदर थे, जो बुराई न देखें, न सुनें, न बोलें। लेकिन आज इंडिया गठबंधन ने तीन नए बंदर ला दिए हैं – पप्पू, टप्पू और अप्पू। पप्पू सच न बोल सकता है, न अच्छा बोल सकता है; टप्पू अच्छा देख ही नहीं सकता; और अप्पू सच सुन ही नहीं सकता। ये लोग विदेश जाकर भारत को बदनाम करते हैं, बिहार में अपराधियों को पाला-पोसा करते हैं।” योगी ने आगे आरोप लगाया कि आरजेडी-कांग्रेस सरकार में गरीबों का राशन लूटा जाता था, और महागठबंधन जातिवाद फैलाकर दंगे भड़काने का काम करता है।

यह बयान बिहार चुनाव के संदर्भ में एनडीए की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां बीजेपी बिहार में नीतीश कुमार के साथ मिलकर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। रैली में मौजूद समर्थकों ने योगी के इस व्यंग्य पर खूब तालियां बजाईं, और सोशल मीडिया पर #PappuTappuAppu ट्रेंड करने लगा।

बिहार की 243 सीटों पर 10 नवंबर से पहले चरण का मतदान होना है। क्या यह बयान एनडीए को फायदा देगा या विपक्ष को सहानुभूति? आने वाले दिन बताएंगे। फिलहाल, सियासत का ‘बंदर बाजार’ जोरों पर है!

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