. राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया. अवैध संबंधों से जन्मी 15-20 दिन की नवजात बच्ची को मारने की क्रूर साजिश रचते हुए उसकी मां ने उसके मुंह में पत्थर ठूंस दिया और होंठों को फेवीक्विक से चिपका दिया. फिर उसे जंगल में पत्थरों के नीचे दबाकर छोड़ दिया. एक चरवाहे को बच्ची जिंदा मिल गई, जिसकी जान बचाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. अब खुलासा हुआ है कि यह साजिश बच्ची की मां और उसके पिता यानी नाना ने रची थी. मांडलगढ़ पुलिस ने चित्तौड़गढ़ जिले के भैंसरोडगढ़ थाना क्षेत्र की 22 वर्षीय युवती और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है
भीलवाड़ा में नवजात शिशु को मारने की साजिश रचने वाले मां-नाना गिरफ्तार
घटना मंगलवार, 23 सितंबर की है. भीलवाड़ा के बिजोलिया क्षेत्र के महादेव जंगल में स्थित सीता माता कुंड मंदिर के पास सड़क से सटे जंगल में मवेशी चराने गए एक चरवाहे की नजर पत्थरों के ढेर पर पड़ी. हल्की हलचल देखकर जब उसने करीब जाकर देखा तो दंग रह गया. पत्थरों के नीचे दबी हुई एक नवजात बच्ची तड़प रही थी. उसके नन्हे मुंह में पत्थर का टुकड़ा ठूंसा हुआ था और होंठ फेवीक्विक से चिपके हुए थे, ताकि वह चीख न सके. आंखें रो-रोकर लाल हो चुकी थीं. चरवाहे ने तुरंत पत्थर निकाला, तो बच्ची जोर-जोर से रोने लगी. उसने बिना देरी किए पुलिस को सूचना दी.
बच्ची की हालत में हो रहा है सुधार
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत बिजोलिया कस्बे के अस्पताल ले जाया गया. डॉ. मुकेश धाकड़ ने बताया कि बच्चा बेहद कमजोर हालत में लाया गया था. मुंह पर फेवीक्विक लगाने से कट के निशान बन गए हैं. गर्मी के कारण शरीर का बायां हिस्सा झुलस गया है, जबकि दाईं जांघ पर किसी चीज से जलाने के निशान हैं. जांच में पता चला कि जंगल में छोड़ने से ठीक पहले उसे दूध पिलाया गया था. प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को भीलवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ के नेतृत्व में मेडिकल टीम निगरानी में है. अच्छी खबर यह है कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है और वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है.
ऐसे खुला अवैध संबंधों का खौफनाक राज
पुलिस ने शुरू में अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस धारा 93 के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. आस-पास के अस्पतालों के डिलीवरी रिकॉर्ड खंगाले गए. पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची की मां 22 वर्षीय युवती है, जो चित्तौड़गढ़ के भैंसरोडगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली है. अवैध संबंधों से बच्ची की पैदाइश हुई थी, जिसे छिपाने के लिए मां और उसके पिता यानी बच्ची का नाना ने यह साजिश रची. उन्होंने नवजात को जंगल में ले जाकर मुंह बंद किया और पत्थरों के नीचे दबा दिया, ताकि कोई न मिले. मां ने पूछताछ में कबूल किया कि बच्ची को मारने का इरादा था. मांडलगढ़ पुलिस ने गुरुवार को मां और नाना को गिरफ्तार कर लिया. एसपी कल्पना आदवी ने बताया कि आरोपी दंपति से गहन पूछताछ की जा रही है. मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है. पुलिस ने साफ कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
कड़ी कार्रवाई करने की उठी मांग
यह घटना सामने आते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. लोगों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है. चरवाहे को बच्ची बचाने के लिए सम्मानित करने की भी मांग उठी है. यह मामला न केवल भीलवाड़ा बल्कि पूरे राजस्थान और देश को झकझोर रहा है. एक तरफ नवजात की जिंदगी बच गई, वहीं दूसरी ओर मानवता की क्रूरता ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया. पुलिस ने बच्ची को सरकारी संरक्षण में ले लिया है और उसका भविष्य सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.