1 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष (1925-2025) का भव्य समारोह मनाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और एक स्मारक डाक टिकट व सिक्का जारी किया, जो RSS की सदी लंबी सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में RSS के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, “संघ के स्वयंसेवक अनवरत देश सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त बना रहे हैं।” उन्होंने 1963 की गणतंत्र दिवस परेड का जिक्र किया, जब RSS स्वयंसेवकों ने राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था। उन्होंने जोर दिया कि RSS का गठन एक विराट उद्देश्य – राष्ट्र निर्माण – के लिए हुआ, जो आज भी निरंतर जारी है।
1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवर द्वारा स्थापित RSS ने पिछले 100 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत और सामाजिक उत्थान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समारोह में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भी स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए संगठन की सांस्कृतिक और सामाजिक जागरण की प्रतिबद्धता दोहराई।

