LNV इंडिया की एक्सक्लूसिव जांच में खुलासा हुआ है कि जोन 6 अमीनाबाद के गोईन रोड पर विद्यार्थी केंद्र के ठीक बगल में बेसमेंट वाली कॉमर्शियल दुकानें और भव्य शोरूम का अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहा है, और इसके पीछे अंगद-अली का नेक्सस साफ नजर आता है।
योगी सरकार की छवि ‘बुलडोजर बाबा’ वाली है, जहां अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर कानून की रक्षा की जाती है। लेकिन यहां तो उलटा हो रहा है! अंगद सिंह और अली की काली कमाई की लालच ने प्राधिकरण के सभी नियमों को ताक पर रख दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, बिल्डरों से मोटी रिश्वत लेकर ये अधिकारी अवैध निर्माण को हरी झंडी दे रहे हैं। मानक विपरीत बेसमेंट और कॉमर्शियल स्पेस बनाए जा रहे हैं, जो न सिर्फ शहर की प्लानिंग को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। इससे सीएम योगी की उस छवि को ठेस पहुंच रही है, जहां वे भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘एक भी बख्शा नहीं जाएगा’ का नारा देते हैं। क्या यह योगी राज में भ्रष्टाचार की जड़ों को मजबूत करने की साजिश है?
जोनल अधिकारी से लेकर उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार तक सब अंगद-अली के आगे नतमस्तक नजर आते हैं। वीसी (उपाध्यक्ष) खुद मूक दर्शक बने बैठे हैं, जबकि अवैध निर्माण की शिकायतें महीनों से पेंडिंग हैं।
यह मामला सिर्फ एक निर्माण का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की सड़ांध का है। अमीनाबाद जैसे व्यस्त इलाके में अवैध शोरूम बनने से ट्रैफिक, सुरक्षा और पर्यावरण सब प्रभावित हो रहा है। अगर सीएम योगी की छवि को बचाना है, तो तत्काल कार्रवाई जरूरी है। LNV इंडिया मांग करता है कि अंगद सिंह और अली पर सख्त एक्शन लिया जाए, जांच बिठाई जाए और अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया जाए। क्या योगी सरकार अपनी साख बचाएगी या भ्रष्ट अधिकारी उनकी छवि को और खराब करने देंगे?

