
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन 6 में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका जीता-जागता प्रमाण है अवर अभियंता अंगद सिंह की भूमिका। उनकी तैनाती के बाद से अवैध निर्माणों को जैसे पंख लग गए हैं, और शहर का नियोजित विकास धराशायी होता नजर आ रहा है। क्या अंगद सिंह LDA के नियमों के रखवाले हैं या भ्रष्टाचार के साझेदार? यह सवाल अब हर किसी के मन में उठ रहा है, क्योंकि उनके संरक्षण में सील किए गए भूखंडों पर भी निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी हैं।
आइए, अमीनाबाद क्षेत्र के एक सनसनीखेज मामले से शुरू करें, जहां अंगद सिंह की कथित मिलीभगत ने LDA की साख को तार-तार कर दिया है। गौतम बुद्ध मार्ग पर, विद्यांत कॉलेज के निकट, बिल्डर अमित अग्रवाल द्वारा एक भव्य कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है – बिना सेटबैक के प्रावधान के, नियमों को ठेंगा दिखाते हुए। 19 सितंबर 2025 को इस भूखंड को LDA द्वारा सील कर दिया गया था, लेकिन अंगद सिंह के कथित संरक्षण में बिल्डर ने सील तोड़कर काम शुरू कर दिया। सीलिंग पट्टिका को नोचकर फेंक दिया गया, और सीलिंग संबंधी सूचना को मिटा दिया गया। क्या यह महज संयोग है कि अंगद सिंह की जोन 6 में तैनाती के बाद ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है?
अंगद सिंह की भूमिका यहां केंद्र में है: सूत्रों के मुताबिक, उनकी तैनाती से पहले जोन 6 में अवैध निर्माणों पर सख्ती बरती जाती थी, लेकिन अब सीलिंग आदेश कागजों तक सीमित रह गए हैं। अमित अग्रवाल जैसे बिल्डरों को खुली छूट मिल रही है, और शोरूम अब पूर्ण होने की कगार पर है। जल्द ही यहां व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुल सकते हैं, जो LDA के नियमों का मजाक उड़ाएंगे। सवाल यह है कि अंगद सिंह ने कितने ऐसे मामलों में आंखें मूंद लीं? क्या उनके संरक्षण के बिना इतना बड़ा उल्लंघन संभव था? और सबसे बड़ा सवाल: LDA के वाइस चेयरमैन और जोनल अधिकारियों द्वारा अंगद सिंह के खिलाफ जांच कब शुरू होगी? क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों पर रहेगी, या वाकई भ्रष्टाचार की जड़ों पर प्रहार होगा?
यह मामला सिर्फ अमीनाबाद तक सीमित नहीं; जोन 6 में कई अन्य भूखंडों पर भी अंगद सिंह की कथित मिलीभगत से अवैध निर्माण फल-फूल रहे हैं। शहर का नियोजित विकास खतरे में है, ट्रैफिक जाम बढ़ रहा है, और पर्यावरणीय नियम ताक पर हैं। क्या LDA के उच्चाधिकारी सो रहे हैं? अंगद सिंह जैसे अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की जिम्मेदारी किसकी है? कब होगी कार्रवाई – आज, कल, या कभी नहीं?
LNV India इस मुद्दे पर पैनी नजर रखेगा। हम LDA से मांग करते हैं कि अंगद सिंह की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो, अवैध निर्माणों को तुरंत रोका जाए, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लखनऊ के नागरिकों का हक है एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त विकास प्राधिकरण। क्या आप भी इस सवाल का जवाब चाहते हैं: कार्रवाई कब होगी? हमें बताएं, और हम आपके साथ आवाज उठाएंगे।

