डॉक्टर की सलाह पर प्रशासन ने बाहर से नेबुलाइजर मंगवाकर प्रदान किया। अधिकारियों के अनुसार, जेल नियमों के तहत उपलब्ध कराई जा सकने वाली सभी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जेलर सुनील कुमार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी चिकित्सा सहायता दी जाएगी।
दो पैनकार्ड बनाने का आरोप
2019 में भाजपा नेता और वर्तमान शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए गए मामले में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर दो पैनकार्ड बनवाए और समय-समय पर उनका उपयोग किया। आरोप है कि यह सब सपा नेता आजम खां के इशारे पर किया गया। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों को सात-साल की सजा सुनाई, जिसके बाद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को रामपुर जेल भेज दिया गया। इस दौरान शुक्रवार को आजम खां से मिलने के लिए कोई पर्ची नहीं लगाई गई थी।
कुर्सी विवाद पर भड़के आजम
इसी बीच जेल के अंदर एक और विवाद सामने आया जब आजम खां ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बैठने के लिए कुर्सी की मांग की। लेकिन जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए मांग मानने से इनकार कर दिया। इस पर आजम नाराज हो गए और अपने बेटे एवं बहन से मिलने से इंकार कर दिया। यह मामला जेल परिसर में चर्चा का विषय बन गया है।

