Breaking
20 Apr 2026, Mon
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ के केजीएमयू परिसर में बनी मजारों को लेकर मामला गरमाया हुआ है. केजीएमयू प्रशासन ने 22 जनवरी को कैंपस में मौजूद 6 कथित अवैध मजारों को हटाने के लिए नोटिस चस्पा किया था. इस नोटिस में मजार कमेटियों को 15 दिन का समय दिया गया था. अब यह समय खत्म होने वाला है. ऐसे में विवाद बढ़ता जा रहा है.
नोटिस में साफ तौर पर कहा गया कि ये मजारें अवैध हैं और इनके कारण यूनिवर्सिटी परिसर में आवागमन में बाधा पैदा हो रही है, साथ ही साफ-सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है. प्रशासन ने निर्देश दिया था कि 15 दिनों के भीतर मजार कमेटियां या जिम्मेदार पक्ष इन मजारों को खुद हटा लें या उनकी वैधता से जुड़े दस्तावेज पेश करें. नोटिस में यह भी स्पष्ट लिखा गया कि अगर मजारें यूनिवर्सिटी बनने से पहले की हैं तो उसका प्रमाण देना होगा.
KGMU प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि तय समय सीमा में जवाब न मिलने या मजारें न हटाए जाने की स्थिति में पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं, ध्वस्तीकरण में आने वाला खर्च भी संबंधित जिम्मेदारों से वसूला जाएगा. यह नोटीस KGMU के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह द्वारा जारी किया गया था. अब 6 फरवरी को 15 दिन की डेडलाइन पूरी हो रही है. ऐसे में अगर मजार पक्ष की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या दस्तावेज नहीं दिए जाते, तो प्रशासन कार्रवाई शुरू कर सकता है.
वहीं, मजार की खिदमत में लगी एक महिला का कहना है कि उनकी ओर से अभी कोई जवाब या कार्रवाई नहीं की गई है. उनका दावा है कि यह मजार यहां कई सालों से मौजूद है, ऐसे में इस पर कार्रवाई करना ठीक नहीं है. उनका कहना है कि वे खुद मजार नहीं हटाएंगी, और अगर प्रशासन कोई कार्रवाई करता है तो उसका फैसला ऊपर वाले पर छोड़ती हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *