लखनऊ, 18 सितंबर 2025 : लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन 6 में अवैध निर्माणों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा। अवर अभियंता अंगद सिंह और सुपरवाइजर अली की कथित भ्रष्ट जोड़ी शहर के नियोजित विकास को तहस-नहस कर रही है। इस जोड़ी की मनमानी के सामने LDA वाइस चेयरमैन प्रथमेश कुमार और जोनल अधिकारी वंदना पांडेय पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रहे हैं। अंगद-अली के कथित भ्रष्टाचार ने न केवल LDA की साख को कठघरे में खड़ा किया, बल्कि प्रथमेश कुमार की छवि को भी गहरी ठेस पहुंचाई है।
अंगद-अली का काला कारोबार: नियमों का खुला उल्लंघन
जोन 6 में अवैध निर्माणों का सिलसिला अंगद सिंह और सुपरवाइजर अली की शह पर बेरोकटोक फल-फूल रहा है। सूत्रों का कहना है कि ये दोनों रिश्वत के बल पर सील भूखंडों पर निर्माण कार्यों को खुली छूट दे रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतें बेकार साबित हो रही हैं, और प्रथमेश कुमार व वंदना पांडेय की निष्क्रियता इस जोड़ी के दबदबे को उजागर करती है। यह स्थिति लखनऊ के सुनियोजित विकास के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
गन्ने वाली गली में बिना मानचित्र का निर्माण
अमीनाबाद की गन्ने वाली गली में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। अंगद-अली की निगरानी में यह गैरकानूनी काम बिना किसी रुकावट के हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि इस निर्माण से पहले से संकरी गली में भीड़भाड़ और बिगड़ रही है, लेकिन LDA अधिकारी इस भ्रष्ट जोड़ी के सामने बेबस हैं।
हजरतगंज में रिश्वत का खुला कारनामा
हजरतगंज चौराहे के पास एक नामी रेस्टोरेंट के पीछे दो बार सील हुए भूखंड पर अंगद-अली की साजिश से अस्थायी सील हटाकर व्यापारिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं। गोदाम खुलेआम चल रहे हैं, स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि यह सब रिश्वतखोरी का नतीजा है, और प्रथमेश कुमार इस जोड़ी के सामने लाचार हैं।
फतेहगंज में बिना मंजूरी के अपार्टमेंट
फतेहगंज में कई भूखंडों पर बिना अनुमति के अपार्टमेंट बन रहे हैं। अंगद-अली की सांठगांठ से ये गैरकानूनी निर्माण निर्बाध रूप से चल रहे हैं। LDA अधिकारियों की खामोशी ने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ा दिया है, और स्थानीय निवासियों में आक्रोश पनप रहा है।
बांसमंडी से लाल कुआं: कांति मिश्रा के भूखंड पर स्लैब का खेल
बांसमंडी चौराहे से लाल कुआं के बीच, एक पेट्रोल पंप के पास निर्माणकर्ता कांति मिश्रा के सील भूखंड पर अंगद सिंह के संरक्षण में अवैध तरीके से स्लैब डाल दी गई। सूत्रों के अनुसार, स्लैब डालने से पहले सुपरवाइजर अली ने कांति मिश्रा के साथ डील की, जिसके बाद इस गैरकानूनी काम को अंजाम दिया गया। LDA द्वारा पहले सील किए गए इस भूखंड पर सील तोड़कर तेजी से निर्माण पूरा किया गया। यह प्रकरण प्रथमेश कुमार और वंदना पांडेय की नाकामी को साफ उजागर करता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के पास नियमों की धज्जियां
मुख्यमंत्री कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर, अमीरुदौला इस्लामिया कॉलेज के सामने एक आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। अंगद-अली की जोड़ी की कथित मिलीभगत से यह गैरकानूनी प्रोजेक्ट बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ रहा है। बार-बार शिकायतों के बावजूद LDA की चुप्पी इस भ्रष्ट जोड़ी की मनमानी को और बल दे रही है।
भ्रष्टाचार की आग अन्य जोनों में भी फैलने का खतरा
यदि LDA वाइस चेयरमैन प्रथमेश कुमार और जोनल अधिकारी वंदना पांडेय इसी तरह अंगद-अली जैसे भ्रष्ट अभियंताओं के आगे बेबस और लाचार बने रहे, तो लखनऊ अवैध निर्माणों की मंडी बन जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जोन 6 की यह लापरवाही अन्य जोनों के अभियंताओं को भी प्रोत्साहित कर सकती है। अगर अन्य जोनों के अधिकारी भी प्रथमेश कुमार की निष्क्रियता का फायदा उठाकर अवैध निर्माणों को संरक्षण देना शुरू कर देंगे, तो वीसी की सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इतना ही नहीं, यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को भी पूरी तरह विफल कर देगी।

PRATHMESH KUMAR की साख दांव पर : स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में अंगद-अली की जोड़ी के खिलाफ गुस्सा चरम पर है। वरिष्ठ अधिवक्ता मुकीद खान ने कहा, “अंगद और अली की भ्रष्ट जोड़ी प्रथमेश कुमार के नेतृत्व को कमजोर कर रही है। LDA अधिकारी अगर इनके सामने नतमस्तक बने रहेंगे, तो लखनऊ अवैध निर्माणों का अड्डा बन जाएगा।” जनता यह सवाल पूछ रही है कि आखिर प्रथमेश कुमार और वंदना पांडेय इस जोड़ी के आगे क्यों असहाय बने हुए हैं?
तत्काल कार्रवाई की जरूरत
अंगद-अली की भ्रष्ट जोड़ी का काला कारोबार LDA के लिए अभिशाप बन चुका है। उनकी मनमानी ने प्रथमेश कुमार और वंदना पांडेय को नतमस्तक कर दिया है, जिससे वीसी की साख पर गहरा संकट मंडरा रहा है। अगर इस भ्रष्टाचार पर तुरंत अंकुश नहीं लगा, तो लखनऊ का नियोजित विकास खतरे में पड़ जाएगा और मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठेंगे। जनमत टुडे इस मामले पर पैनी नजर रखे हुए है और जनता की आवाज को बुलंद करता रहेगा।

