सांसद ओवैसी ने लाल किले के पास कार में विस्फोट करने वाले डॉ. उमर के वीडियो के संदर्भ में कहा कि यह कुतर्क है। सुसाइड इस्लाम में हराम है। निर्दोष लोगों की हत्या पाप है। यह आतंकवाद के अलावा और कुछ नहीं है। साथ ही यह कानून के भी खिलाफ है। उल्लेखनीय है कि 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई।
सरकार पर भी सवाल : हालांकि ओवैसी ने केन्द्र सरकार पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के दौरान संसद को भरोसा दिया था कि पिछले छह महीने में कोई भी स्थानीय कश्मीरी आतंकवादी समूहों में शामिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा- यदि ऐसा है कि आतंकियों की यह गैंग कहा से आई? इस ग्रुप का पता नहीं लगा पाने के लिए कौन जिम्मेदार है?

क्या का था उमर ने : डॉ. उमर मोहम्मद ने कहा कि जिसे आत्मघाती बम विस्फोट कहा जाता है, वह अवधारणा बहुत ही गलतफहमी में से एक है। यह एक शहादत अभियान है, जिसे इस्लाम में जाना जाता है। उमर कहता है कि ‘शहादत’ अभियान में व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मौत किसी खास जगह और समय पर होगी। इस समय वह एक खतरनाक मानसिक अवस्था में पहुंच जाता है। वह मानने लगता है कि मौत ही उसका अंतिम लक्ष्य है। वह कहता है कि कोई भी व्यक्ति सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि उसकी मौत कब और कहां होगी और यह तभी संभव है जब यह नियति में लिखा हो। उसने अपने वीडियो संदेश में कहा कि मौत से मत डरो।

