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19 Apr 2026, Sun

लखनऊ पुलिस की साख पर फिर बट्टा लगा है. महानगर थाना क्षेत्र की पेपरमिल चौकी में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह को ₹2 लाख की घूस लेते पकड़ा. दारोगा ने एक गैंगरेप केस से नाम हटाने के लिए 50 लाख रुपये की डिमांड की थी, जिससे पीड़ित ने तंग आकर एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया था.

फर्जी गैंगरेप केस से नाम हटाने के लिए मांगी रिश्वत

पेपरमिल चौकी के इंचार्ज दारोगा धनंजय सिंह को एंटी करप्शन टीम ने चौकी परिसर में ही ₹2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पीड़ित प्रतीक गुप्ता ने बताया कि उन्हें करीब दो महीने पहले एक गैंगरेप केस में फंसाया गया था. यह मामला तब शुरू हुआ जब एक पूर्व कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के चार महीने बाद डेढ़ साल पुराने रेप का आरोप लगाया और उन्हें जबरन एक अनजान व्यक्ति के साथ जोड़कर गैंगरेप का आरोपी बना दिया गया.

50 लाख से 2 लाख तक पहुंची डील

प्रतीक गुप्ता का आरोप है कि पुलिसिया रौब दिखाकर उनसे पहले 50 लाख रुपये की डिमांड की गई थी. केस से बचाने के नाम पर 10 लाख रुपये देने की बात हुई थी, लेकिन दारोगा धनंजय सिंह ने नाम हटाने के लिए ₹2 लाख की रिश्वत मांगी. दारोगा का कहना था कि जब 50 लाख रुपये हो जाएंगे, तब लड़की का बयान बदलवा दिया जाएगा. इस वसूली के खेल से प्रताड़ित होकर प्रतीक ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया, जिसने जाल बिछाकर दारोगा को मौके पर ही दबोच लिया.

एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई

जैसे ही पीड़ित प्रतीक गुप्ता रिश्वत की रकम लेकर चौकी पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने तुरंत दबिश दी और दारोगा धनंजय सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. चौकी के भीतर हुई इस कार्रवाई ने Lucknow

 पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.  इस हाई प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामले में अब दारोगा के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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