भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। संसद में गृह मंत्री अमित शाह के साथ चर्चा के मुद्दे पर और विपक्षी दल के रुख को लेकर उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। स्मृति ईरानी ने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों और झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी (JPSC-JSSC) अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस पार्टी की नीतियों को ‘चुनिंदा राजनीति’ (Selective Politics) करार दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक तरफ सरकार हर मुद्दे पर संसद में बात करने के लिए तैयार थी, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने माहौल को भटकाने का काम किया।
संसद में चर्चा और ‘तो भागा कौन?’ का सवाल
संसद सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के साथ चर्चा के विषय पर बोलते हुए स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब देश के संसदीय कार्य मंत्री और खुद गृह मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर यह स्पष्ट कर दिया था कि सरकार हर जरूरी विषय पर खुली चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, तब विपक्षी नेताओं ने सदन की कार्यवाही को चलने नहीं दिया।
स्मृति ईरानी ने सीधे शब्दों में सवाल उठाया कि जब सरकार बातचीत के लिए मंच पर मौजूद थी, तो आखिर विपक्ष पीछे क्यों हटा? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि ऐसी स्थिति में यह साफ होना चाहिए कि असल में चर्चा से कौन भागा। उनके अनुसार, विपक्ष गंभीर मुद्दों पर संवाद करने की बजाय केवल राजनीतिक बयानबाजी और व्यवधान पैदा करने में रुचि रखता है।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन और विभाजित विपक्ष पर निशाना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों को लेकर भी स्मृति ईरानी ने विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुआ विपक्ष पूरी तरह से बंटा हुआ नजर आया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जंतर-मंतर के उस विरोध प्रदर्शन से जानबूझकर दूरी बनाकर रखी, क्योंकि वहां आम आदमी पार्टी (AAP) के बड़े नेता जैसे अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया मौजूद थे। ईरानी के मुताबिक, यदि वह मंच केवल छात्रों का होता, तो राहुल गांधी वहां जरूर जाते, लेकिन आम आदमी पार्टी से राजनीतिक असहजता के कारण वह वहां जाने से बचे। इससे यह साबित होता है कि वहां छात्रों के नाम पर राजनीतिक दलों का ही जमावड़ा था।
झारखंड के मुद्दों पर राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अभ्यर्थियों के आंदोलन का हवाला देते हुए स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी से तीखा सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी झारखंड गए? क्या उन्होंने या उनके सहयोगियों ने झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लिया, जहां उनकी पार्टी गठबंधन का हिस्सा है?
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि क्या यह राहुल गांधी की ‘चुनिंदा राजनीति’ नहीं है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार राज्यों का चयन करते हैं? स्मृति ईरानी ने यह भी पूछा कि क्या कांग्रेस नेताओं ने पंजाब या केरल जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में कभी इस तरह के विरोध प्रदर्शन के बाद वहां की सरकारों से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल केवल राजनीतिक नफे-नुकसान को देखकर ही अपने रुख तय करते हैं।

