उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो किसी भी माता-पिता का दिल दहला सकती है। मूरतगंज ब्लॉक के चकमाहपुर पांडेमऊ स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को जो हुआ, उसने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। स्कूल में बच्चों को दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) में जो खिचड़ी परोसी गई, उसमें कीड़े रेंगते मिले।
जैसे ही बच्चों ने अपनी थाली में कीड़ों को देखा, स्कूल में हड़कंप मच गया। मासूम बच्चों ने खाना खाने से साफ मना कर दिया और रोते हुए इसकी शिकायत की। चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है, उन्हें पिछले कई दिनों से इसी तरह का खराब और बदबूदार खाना दिया जा रहा है।
अभिभावकों का फूटा गुस्सा
स्कूल में करीब 80 बच्चे पढ़ते हैं। जब इस बात की खबर गांव वालों और बच्चों के माता-पिता को लगी, तो वे स्कूल पहुँच गए और जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना है कि बच्चों की सेहत के साथ इस तरह का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रशासन की इस लापरवाही ने पूरे शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों ने क्या कहा?
मामला बढ़ता देख इसकी सूचना तुरंत शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को दी गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सवाल यह उठता है कि जिस खाने की जिम्मेदारी अधिकारियों और रसोइयों पर होती है, उसे परोसने से पहले चेक क्यों नहीं किया गया? क्या मासूमों की जान इतनी सस्ती है? उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद व्यवस्था में सुधार होगा ताकि भविष्य में किसी और बच्चे की थाली में ‘कीड़े’ न निकलें।

